इलाहाबाद हाईकोर्ट की यह कार्यवाही काफी अहम है 👇
- मामला : शिक्षामित्रों का मानदेय बढ़ाने का आदेश पालन न होने पर अवमानना अर्जी।
- याची : वाराणसी के विवेकानंद।
- तारीख : 18 सितम्बर 2025 को सुनवाई।
सुनवाई में क्या हुआ?
- उपस्थित अधिकारी :
- महानिदेशक स्कूल शिक्षा कंचन वर्मा
- शिक्षा निदेशक (बेसिक) प्रताप सिंह बघेल
- सचिव, यूपी बेसिक शिक्षा बोर्ड सुरेंद्र कुमार तिवारी
(इन सबके हलफनामे कोर्ट ने रिकॉर्ड में ले लिए।)
- अनुपस्थित अधिकारी :
- अपर मुख्य सचिव (बेसिक शिक्षा) दीपक कुमार
(उन्होंने छूट का आवेदन और हलफनामा भेजा, कोर्ट ने इस बार छूट दे दी।)
- अपर मुख्य सचिव (बेसिक शिक्षा) दीपक कुमार
- सरकारी वकील की दलील : आदेश पालन के लिए 4 हफ्ते का और समय दिया जाए।
- याची की आपत्ति : पिछली बार भी समय मांगा गया था, आदेश अभी तक लागू नहीं हुआ।
कोर्ट की नाराज़गी और आदेश
- कोर्ट ने असंतोष जताया और अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार को निर्देश दिया कि –
- 27 अक्टूबर 2025 तक अनुपालन हलफनामा दाखिल करें।
- इसमें रिट कोर्ट के आदेश का पूरा पालन दिखाना ज़रूरी है।
- चेतावनी: अगर आदेश का अनुपालन नहीं दिखा तो उन्हें कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से हाजिर होना पड़ेगा और उन पर अवमानना के आरोप तय किए जा सकते हैं।
- अन्य अधिकारियों को अगली सुनवाई तक व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट मिल गई है।
👉 इसका मतलब साफ है कि अब गेंद पूरी तरह अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार के पाले में है। अगर 27 अक्टूबर तक आदेश का पालन और हलफनामा दाखिल नहीं हुआ तो उन्हें कोर्ट में खड़ा होना पड़ेगा।
