यूपी में 14 वरिष्ठ IAS अफसरों का बड़ा फेरबदल : शिक्षा, स्वास्थ्य और प्रशासन पर होगा सीधा असर ✍️
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने बृहस्पतिवार को प्रशासनिक कार्यप्रणाली को चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिए 14 वरिष्ठ IAS अधिकारियों के विभागीय प्रभार बदल दिए। इस फेरबदल का सीधा असर प्रदेश की शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, पशुपालन और प्रशासनिक सेवाओं पर पड़ने वाला है।
📌 शिक्षा विभाग : सेन शर्मा को मिली बड़ी जिम्मेदारी
- सेन शर्मा को प्रमुख सचिव बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा बनाया गया है।
- इसके पहले वे प्रमुख सचिव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग देख रहे थे।
👉 शिक्षा क्षेत्र में लंबे समय से चल रही शिक्षकों की कमी, पद रिक्ति और सुधारों के बीच उनकी तैनाती बेहद अहम मानी जा रही है।
📌 स्वास्थ्य विभाग : अब अमित घोष की कमान
- अमित घोष को प्रमुख सचिव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग सौंपा गया है।
- वे अब तक सचिवालय प्रशासन, पशुपालन, दुग्ध विकास एवं मत्स्य विभाग देख रहे थे।
👉 उत्तर प्रदेश में डेंगू, वायरल बुखार और स्वास्थ्य सेवाओं की चुनौतियों को देखते हुए यह बदलाव काफ़ी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
📌 पशुपालन और पर्यटन विभाग
- मुकेश कुमार मेश्राम को पशुपालन, दुग्ध एवं मत्स्य विभाग का प्रभार दिया गया है।
- पहले वे पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग संभाल रहे थे।
- उनकी जगह अमृत अभिजात को पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग का चार्ज सौंपा गया है।
📌 नगर विकास और राजस्व विभाग
- पी गुरुप्रसाद को अब नगर विकास विभाग और नगरीय रोजगार एवं गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम विभाग का अतिरिक्त प्रभार मिला है।
- वे पहले प्रमुख सचिव राजस्व थे।
📌 अन्य प्रमुख बदलाव
- संजय प्रसाद से नागरिक उड्डयन विभाग की जिम्मेदारी वापस ले ली गई है।
- अजय चौहान को प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग के साथ मुख्य कार्यपालक अधिकारी उपशा का अतिरिक्त प्रभार दिया गया।
- आलोक कुमार तृतीय को नोडल अधिकारी जीरो पावर्टी उत्तर प्रदेश अभियान का अतिरिक्त प्रभार मिला।
- मनीष चौहान को प्रमुख सचिव सचिवालय प्रशासन, भाषा एवं राष्ट्रीय एकीकरण और निदेशक हिंदी संस्थान बनाया गया।
📌 मंडलायुक्त स्तर पर बड़ा बदलाव
- अनामिका सिंह का बरेली मंडलायुक्त पद पर हुआ तबादला निरस्त कर उन्हें आयुक्त खाद्य एवं रसद बनाया गया है।
- वहीं भूपेंद्र एस चौधरी को बरेली मंडलायुक्त नियुक्त किया गया है।
- रणवीर प्रसाद को प्रमुख सचिव खाद एवं रसद तथा उपभोक्ता मामले के साथ राजस्व विभाग का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
🔎 असर और महत्व
- शिक्षा : सेन शर्मा की तैनाती से बेसिक और माध्यमिक शिक्षा में सुधार की उम्मीदें बढ़ी हैं।
- स्वास्थ्य : अमित घोष को हेल्थ डिपार्टमेंट सौंपने का फैसला डेंगू-मलेरिया जैसी मौसमी बीमारियों के बीच अहम है।
- पर्यटन व पशुपालन : इन विभागों में बदलाव से निवेश और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने की कोशिश है।
- प्रशासन : नगर विकास और राजस्व विभाग के फेरबदल से शहरी परियोजनाओं और राजस्व सुधार की दिशा तय होगी।
✍️ निष्कर्ष
उत्तर प्रदेश में यह फेरबदल केवल कुर्सियों की अदला-बदली नहीं, बल्कि आने वाले महीनों में सरकार की नीतियों और प्राथमिकताओं का संकेत भी है।
- शिक्षा में सुधार,
- स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने,
- और प्रशासनिक तंत्र को अधिक जवाबदेह बनाने के मकसद से यह कदम उठाया गया है।
👉 अब देखना होगा कि नए अफसर अपने-अपने विभागों में जमीन पर कितना असर दिखा पाते हैं।
