⚖️ इलाहाबाद हाईकोर्ट में कई अहम मामले: जीआईसी प्रवक्ता भर्ती मे bed अनिवार्यता को लेकर अभ्यर्थी कोर्ट में

⚖️ इलाहाबाद हाईकोर्ट में कई अहम मामले: जीआईसी प्रवक्ता भर्ती से लेकर दहेज हत्या तक

प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट में बीते दिनों कई अहम मामलों की सुनवाई हुई। इनमें जीआईसी प्रवक्ता भर्ती में बीएड की अनिवार्यता, संभल हिंसा, सहकारी समिति सचिव स्थानांतरण, कांग्रेस सांसद इमरान मसूद पर मामला, और दहेज हत्या जैसे संवेदनशील मुद्दे शामिल रहे। आइए एक नज़र डालते हैं—


📚 मामला 1: जीआईसी प्रवक्ता भर्ती में बीएड अनिवार्यता को चुनौती

प्रयागराज के ललित प्रसाद और 33 अन्य अभ्यर्थियों ने याचिका दाखिल की है।

WhatsApp Channel Join Now
WhatsApp Group Join Now
Telegram Channel Join Now
  • पहले इस भर्ती में केवल स्नातकोत्तर डिग्री ही पात्रता थी।
  • अब राज्य सरकार ने अचानक बीएड डिग्री को भी अनिवार्य कर दिया।
  • याचिकाकर्ताओं का कहना है कि यह बदलाव हजारों छात्रों के लिए अन्यायपूर्ण है।
  • उनका तर्क है कि अगर पहले से यह नियम होता तो वे बीएड डिग्री हासिल कर लेते।
  • कोर्ट में 11 सितंबर 2025 की सुनवाई टल गई थी।

🔥 मामला 2: संभल हिंसा प्रकरण

संभल की जामा मस्जिद में 24 नवंबर 2024 को हुए सर्वे के दौरान हिंसा मामले में आरोपी जफर अली ने मुकदमा रद्द करने की अर्जी लगाई।

  • हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब तलब किया है।
  • साथ ही अगले आदेश तक कार्यवाही पर रोक लगा दी गई है।

🏛️ मामला 3: इमरान मसूद का विवादित बयान

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद पर पीएम मोदी के खिलाफ दिए गए विवादित बयान को लेकर मामला लंबित है।

  • यह बयान 2014 की चुनावी सभा में दिया गया था।
  • सहारनपुर एमपी-एमएलए कोर्ट ने 21 अक्तूबर 2024 को इमरान पर आरोप तय किए थे।
  • इसके खिलाफ इमरान ने हाईकोर्ट में पुनरीक्षण अर्जी दी है।
  • सोमवार को इस पर सुनवाई टल गई।

🌾 मामला 4: सहकारी समिति सचिव स्थानांतरण

झांसी निवासी अजय कुमार ने मरकुवा ग्राम की सहकारी समिति सचिव पद पर सूर्य प्रताप सिंह के स्थानांतरण को चुनौती दी थी।

  • हाईकोर्ट ने याचिका निस्तारित करते हुए कहा कि याची सक्षम प्राधिकारी के समक्ष अभ्यावेदन कर सकता है।
  • प्राधिकारी को कानून के अनुसार शीघ्र निर्णय करने के निर्देश दिए गए।

👩‍⚖️ मामला 5: दहेज हत्या के आरोपियों को बरी

2019 के दहेज हत्या मामले में पति, सास, ससुर और दो देवरों को जिला अदालत ने दोषमुक्त कर दिया।

  • मृतका रेशम की शादी अप्रैल 2019 में हुई थी।
  • आरोप था कि ससुराल पक्ष ₹2 लाख दहेज की मांग को लेकर उसे प्रताड़ित करता था।
  • 19 अगस्त 2019 को उसकी संदिग्ध मौत हुई।
  • कोर्ट ने सबूतों के आधार पर सभी आरोपियों को बरी कर दिया।

📝 निष्कर्ष

इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक ही दिन कई महत्वपूर्ण मामलों पर सुनवाई हुई।

  • जीआईसी भर्ती का मुद्दा हजारों अभ्यर्थियों के भविष्य से जुड़ा है।
  • संभल हिंसा और इमरान मसूद का मामला सियासी हलकों में चर्चा का विषय है।
  • वहीं सहकारी समिति सचिव स्थानांतरण और दहेज हत्या केस आम जनता से जुड़े न्यायिक पहलुओं को सामने लाते हैं।

👉 अब सबकी नज़र आगामी तारीखों पर होगी जब इन मामलों में आगे की सुनवाई होगी।


Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top