यह खबर दर्शाती है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की “दूसरी बच्ची की ट्यूशन फीस माफी” योजना की घोषणा (2 अक्टूबर 2021) अभी तक ज़मीनी स्तर पर लागू नहीं हो पाई है और पिछले चार सालों से प्रस्तावों में ही अटकी हुई है।
मुख्य बिंदु 👇
- घोषणा
- योगी सरकार ने कहा था कि निजी स्कूल/कॉलेज में पढ़ने वाली एक से अधिक बच्चियों वाले परिवार की दूसरी बच्ची की ट्यूशन फीस माफ होगी।
- या तो विद्यालय खुद फीस माफ करेगा, या सरकार उसे प्रतिपूर्ति (reimburse) करेगी।
- प्रस्ताव और देरी
- 3 दिसंबर 2024 को शिक्षा निदेशालय ने प्रस्ताव शासन को भेजा।
- अधिकारियों के बीच निर्णय नहीं हो पाया, इसलिए मामला लटका रहा।
- 20 अगस्त 2025 को विशेष सचिव की अध्यक्षता में बैठक हुई और कुछ बिंदुओं पर सहमति बनी।
- आय सीमा और शर्तें
- लाभ पाने के लिए अभिभावकों की आय सीमा समाज कल्याण विभाग की छात्रवृत्ति गाइडलाइन के आधार पर तय होगी।
- यह भी देखा जाएगा कि बच्ची/अभिभावक पहले से किसी अन्य सरकारी योजना का लाभ तो नहीं ले रहे।
- तकनीकी पक्ष
- योजना के क्रियान्वयन के लिए समाज कल्याण विभाग के छात्रवृत्ति पोर्टल से डेटा इंटीग्रेशन होगा।
- इसे एनआईसी (राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र) के माध्यम से जोड़ा जाएगा।
- फीस का पेच
- सरकारी/सहायता प्राप्त विद्यालयों में ट्यूशन फीस पहले से नहीं है।
- वित्तविहीन (Private unaided) विद्यालयों में 2018 की फीस नियमन अधिसूचना के अनुसार कम्पोजिट फीस ली जाती है, जिसमें ट्यूशन सहित सभी शुल्क शामिल होते हैं।
- इस वजह से “सिर्फ ट्यूशन फीस माफी” का प्रावधान तकनीकी रूप से जटिल हो गया है।
- ताज़ा स्थिति (सितंबर 2025)
- शासन के उपसचिव संजय कुमार ने 9 सितंबर को माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. महेन्द्र देव को पत्र भेजकर संशोधित प्रस्ताव एक हफ्ते के भीतर मांगा है।
- यानी योजना का फाइनल ड्राफ्ट अभी भी तैयार नहीं हुआ है।
👉 साफ है कि घोषणा तो ऐतिहासिक थी, लेकिन व्यावहारिक दिक्कतें (फीस संरचना, आय सीमा, पोर्टल इंटीग्रेशन) और नौकरशाही की सुस्ती ने इसे अब तक लागू नहीं होने दिया।
