इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बढ़ाई सख्ती! 27 अगस्त तक शिक्षकों से मांगी पूरी रिपोर्ट, लापरवाही पर असंतोष जताया 🏛️✍️
उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग से जुड़ी रिट याचिकाओं के निपटारे में लगातार हो रही देरी पर अब शिक्षा निदेशक (बेसिक) ने कड़ा रुख अपनाया है।
इलाहाबाद उच्च न्यायालय एवं उसकी लखनऊ खंडपीठ में लंबित रिट याचिकाओं को लेकर विभाग ने पहले भी कई बार आदेश जारी किए थे, परंतु समय सीमा के बावजूद अधिकांश जनपदों ने निर्धारित गूगल शीट अपडेट नहीं की।
क्या है पूरा मामला?
- विभाग ने 3 जून, 9 जून और 17 जून 2025 को क्रमशः आदेश जारी किए थे।
- जनपदवार लंबित रिट याचिकाओं का ब्यौरा तैयार करने हेतु गूगल शीट लिंक: https://bit.ly/4kEIRbQ प्रदान की गई थी।
- कई जिलों ने 13 जून, 16 जून और 23 जून तक डेटा अपलोड करने में लापरवाही बरती।
शिक्षा निदेशक ने क्या कहा?
शिक्षा निदेशक (बेसिक) उ.प्र. ने इस देरी पर असंतोष जताते हुए अंतिम चेतावनी जारी की है।
अब सभी संबंधित अधिकारियों को 27 अगस्त 2025 तक हर हाल में रिपोर्ट अपडेट करने का निर्देश दिया गया है।
क्यों है यह रिपोर्ट महत्वपूर्ण?
- लंबित रिट याचिकाओं के समय पर निस्तारण के लिए अदालत की सख्त निगरानी।
- जनपदवार जवाबदेही तय करने का प्रयास।
- शिक्षकों के हितों से जुड़े मामलों में तेजी से कार्यवाही सुनिश्चित करना।
क्या होगा यदि समय सीमा चूक गई?
सूत्रों के अनुसार, समय पर अपडेट नहीं करने वाले अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई हो सकती है।
सरकारी कलम का मत 🖋️
यह कदम जहां एक ओर पारदर्शिता को बढ़ावा देगा, वहीं दूसरी ओर लंबित रिट याचिकाओं से प्रभावित शिक्षकों को न्याय की राह में तेजी मिलेगी।
अब देखने वाली बात यह होगी कि 27 अगस्त की डेडलाइन तक सभी जिलों के अधिकारी रिपोर्ट पूरी कर पाते हैं या नहीं।
