प्राथमिक विद्यालयों के विलय से अभिभावक नाराज – काकोरी और बीकेटी में जोरदार विरोध प्रदर्शन 🚸
लखनऊ के काकोरी और बीकेटी क्षेत्रों में प्राथमिक विद्यालयों के अचानक विलय को लेकर अभिभावकों और संगठनों में भारी रोष देखने को मिला। अभिभावकों ने आरोप लगाया कि सरकार के इस कदम से छोटे बच्चों को अनावश्यक कठिनाई झेलनी पड़ेगी।
काकोरी में विरोध: “बच्चों के लिए मुश्किल भरा सफर”
काकोरी क्षेत्र के सेमरामऊ प्राइमरी स्कूल का विलय भटऊ जमालपुर प्राइमरी स्कूल में कर दिया गया है।
- सेमरामऊ स्कूल में 43 छात्र थे जबकि भटऊ जमालपुर में 33 बच्चे पढ़ते हैं।
- दोनों स्कूलों के बीच डेढ़ किलोमीटर से अधिक दूरी और बीच में नहर पड़ती है।
- अब चार गांव के बच्चों को दूरस्थ विद्यालय जाना पड़ेगा।
अभिभावकों ने डीएम को पत्र भेजकर विलय रद्द करने की मांग की और बुधवार को विद्यालय परिसर में प्रदर्शन किया।
बीकेटी में एडवा का प्रदर्शन: “फैसले पर पुनर्विचार करो”
अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति (एडवा) के पदाधिकारियों ने बीकेटी तहसील में प्रदर्शन कर सरकार से विद्यालय विलय नीति पर पुनर्विचार करने की मांग की।
- महमदपुर सरैया और सहपुरवा प्राथमिक विद्यालय का विलय पहाड़पुर विद्यालय में हुआ।
- जालिमपुर विद्यालय का विलय परिसया विद्यालय में किया गया।
एडवा की राष्ट्रीय संयुक्त सचिव मधु गर्ग ने बताया कि छोटे बच्चे अकेले इतनी दूरी तय नहीं कर पा रहे हैं।
प्रदेश उपाध्यक्ष वंदना राय ने कहा कि सहपुरवा से पहाड़पुर विद्यालय की दूरी भी एक से डेढ़ किलोमीटर है, जो बच्चों के लिए असुरक्षित है।
प्रशासन का तर्क: “सुविधाएं बेहतर करने के लिए फैसला”
काकोरी के बीईओ रामराज ने कहा कि सेमरामऊ प्राइमरी स्कूल की इमारत और भौतिक संसाधन भटऊ जमालपुर से बेहतर हैं, इसलिए यह बदलाव किया गया। उन्होंने प्रदर्शन की जानकारी होने से भी इनकार किया।
अभिभावकों की मांग
- बच्चों की सुरक्षा और दूरी को ध्यान में रखते हुए पुराने विद्यालय बहाल किए जाएं।
- स्कूल मर्जर नीति लागू करने से पहले स्थानीय परिस्थितियों और बच्चों की सुविधा पर विचार किया जाए।
