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✨हर बालिका बनेगी आत्मनिर्भर : सरकार का बड़ा कदम, मिलेगा रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण
👉 सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है कि अब प्रदेश के सभी अपर प्राइमरी विद्यालयों की बालिकाओं को आत्मरक्षा प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह प्रशिक्षण पीएमश्री विद्यालयों, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों और परिषदीय अपर प्राइमरी स्कूलों की छात्राओं के लिए अनिवार्य होगा।
🎯 उद्देश्य क्या है?
इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य है कि बेटियां शोहदों, गुंडों और बदमाशों से स्वयं की रक्षा कर सकें। साथ ही, बच्चियों को मानसिक और शारीरिक रूप से इतना मजबूत बनाया जाए कि वे किसी भी आकस्मिक मानवीय संकट का तुरंत मुकाबला कर सकें।
🥋 क्या-क्या सिखाया जाएगा?
तीन महीने के इस विशेष कार्यक्रम में छात्राओं को आधुनिक आत्मरक्षा तकनीकें सिखाई जाएंगी, जिनमें शामिल हैं:
- जूडो
- ताइक्वांडो
- नानचाकू
- मुष्ठी युद्ध
- कराटे
- कुंग फू
- आइकीडो
सिर्फ यही नहीं, उन्हें यह भी सिखाया जाएगा कि
✅ प्रतिद्वंद्वी को जमीन पर पटकना या गिराना
✅ किक और मुक्के के बल पर नियंत्रित करना
✅ ग्रैपलिंग, जॉइंट लॉक, स्ट्रगल होल्ड या चोक तकनीक का इस्तेमाल करना
📅 प्रशिक्षण का ढांचा
- अवधि: 3 महीने
- प्रशिक्षण दिवस: महीने में 24 दिन (अवकाश छोड़कर)
- प्रशिक्षक: व्यायाम शिक्षक एवं विशेष रूप से प्रशिक्षित अनुदेशक
🏅 प्रमाणपत्र भी मिलेगा
आत्मरक्षा प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने वाली हर बालिका को विद्यालय के प्रधानाचार्य एवं विद्यालय प्रबंधन समिति (SMC) के अध्यक्ष द्वारा हस्ताक्षरित प्रमाणपत्र दिया जाएगा। इस प्रमाणपत्र को भविष्य में अन्य प्रतियोगी एवं शैक्षिक उपयोगों के लिए मान्य बनाने पर भी विचार किया जा रहा है।
📜 शासनादेश जारी
महानिदेशक स्कूल शिक्षा कंच वर्मा ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। इसके तहत अनुदेशकों और व्यायाम शिक्षकों को मानदेय की राशि भी प्रदान की जाएगी।
🌸 सरकारी कलम की राय
यह पहल न सिर्फ बालिकाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी बल्कि उनमें आत्मविश्वास और साहस भी बढ़ाएगी। जिस प्रकार रानी लक्ष्मीबाई ने अपने साहस और पराक्रम से इतिहास रचा, उसी तरह आज की बेटियां भी आत्मरक्षा प्रशिक्षण से निडर होकर आगे बढ़ेंगी। ✊✨
