केरल: भारत का पहला पूर्ण डिजिटल साक्षर राज्य — एक ऐतिहासिक घोषणा ⏳
तारीख: 17 अगस्त 2025
घोषणा: केरल को घोषित किया जाएगा देश का पहला पूर्ण रूप से डिजिटल साक्षर राज्य। (The Times of India)
क्या घटा?
- “Digi Keralam” प्रयास द्वारा, लगभग 22 लाख केरलवासियों को डिजिटल साक्षरता का प्रशिक्षण दिया गया। (The Times of India, Devdiscourse, Rozana Spokesman)
- लोग, चाहे 104 या 105 की उम्र में हों, सभी मोबाइल, इंटरनेट, व्हाट्सएप, वीडियो कॉल, ई-सेवाएं आदि का उपयोग करना सीख चुके हैं। (The Times of India, malaysiasun.com, @mathrubhumi)
एक प्यार भरा उदाहरण: 105-साल के अब्दुल्ला मावलवी
105 वर्ष के M A Abdullah Maulavi (उदक्कली, पेरुंबावूर) ने “Digi Keralam” ट्रेनिंग के जरिए डिजिटल दुनिया में कदम रखा।
— उन्होंने सही हाथ से स्क्रीन संचालित करना सीखा, इंटरनेट पर समाचार देखा, YouTube पर कुरान की तिलावत सुनी । (The Times of India, malaysiasun.com, @mathrubhumi)
— असमन्नूर पंचायत में उन्होंने 2,592 लोगों को प्रशिक्षित करने वाले अभियान में योगदान दिया, और पंचायत ने 100% डिजिटल साक्षरता भी हासिल की। (The Times of India)
ये पूरा अभियान कैसा था?
- शुरूआत 2023 में ‘Digi Keralam – Complete Digital Literacy Program’ के रूप में की गई।
- राज्यभर में 83 लाख परिवारों का सर्वे किया गया, 1.5 करोड़ लोग शामिल किए गए। (The Indian Express, Madhyamam, Kerala Kaumudi)
- 2,57,000 से अधिक स्वयंसेवकों — जैसे MGNREGA, NSS, NCC, Kudumbashree, छात्र समूह आदि — ने प्रशिक्षण प्रदान किया। (Kerala Kaumudi, Madhyamam, The Indian Express)
- 21,88,398 लोगों को डिजिटल रूप से असाक्षर पाया गया; उनमें से 99.98% या उससे अधिक ने प्रशिक्षण और मूल्यांकन पास किया। इसमें 15,223 लोग 90 वर्ष से ऊपर भी शामिल थे। (Kerala Kaumudi, The Indian Express, Deshabhimani, Madhyamam, @mathrubhumi)
- परिषद ने घर, काम के स्थानों और क्लस्टर में प्रशिक्षण मॉड्यूल लागू किए, ताकि हर किसी तक डिजिटल शिक्षा पहुंचे। (The Indian Express, Madhyamam)
मुख्यमंत्री का संदेश और संदर्भ
- मुख्यमंत्री पिनारयी विजयन ने आजादी के दिन अपने संबोधन में कहा कि ये सिर्फ डिजिटल साक्षरता नहीं, बल्कि एक समावेशी, ज्ञान-आधारित समाज की ओर महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने गरीबी उन्मूलन, साक्षरता, और नवाचार पर जोर देते हुए डिजिटल साक्षरता को नए युग की शुरुआत बताया। (The Times of India)
सारांश (टैबुलर रूप में):

इस उपलब्धि ने केरल को न केवल डिजिटल इंडिया की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाने में मदद की है, बल्कि राष्ट्र में समावेशी, ज्ञान-आधारित परिवर्तन का मॉडल भी स्थापित किया है।
