बहुत गरम चाय-कॉफी पीने से बढ़ सकता है कैंसर का खतरा ☕🔥
वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि बहुत ज्यादा गरम चाय या कॉफी पीना आहार नली (Esophagus) के कैंसर का खतरा बढ़ा सकता है।
👉 इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर (IARC) ने 65°C से अधिक तापमान वाले पेय पदार्थों को संभावित कैंसरकारी (Carcinogenic) करार दिया है।
शोध में क्या पाया गया? 🔍
- दक्षिण अमेरिका, मध्य-पूर्व, अफ्रीका और एशिया में किए गए अध्ययनों में पाया गया कि लगातार बहुत गरम पेय पीने वालों में आहार नली का कैंसर ज्यादा देखा गया।
- ब्रिटेन में लगभग 5 लाख लोगों पर हुए एक अध्ययन में पाया गया कि जो लोग दिन में 8 या उससे ज्यादा कप बहुत गरम चाय/कॉफी पीते हैं, उनमें अन्नप्रणाली कैंसर का खतरा लगभग 6 गुना बढ़ जाता है।
- एक शोध में 70°C पर दिया गया पानी चूहों में कैंसरकारी कोशिकाओं की वृद्धि का कारण बना।
कैसे नुकसान पहुंचाते हैं गरम पेय? ⚠️
- बहुत गरम तरल पदार्थ आहार नली की परत को जला देते हैं।
- इससे कोशिकाएं बार-बार क्षतिग्रस्त होती हैं और लंबे समय में कैंसर में बदल सकती हैं।
- एक बार में बड़ी चुसकी लेने से अन्नप्रणाली का तापमान 12°C तक बढ़ जाता है, जो कोशिकाओं के लिए खतरनाक है।
सुरक्षित तापमान क्या है? 🌡️
- रेस्तरां और कैफे में चाय/कॉफी अक्सर 90°C पर परोसी जाती है।
- विशेषज्ञों के अनुसार कॉफी का आदर्श तापमान लगभग 58°C है।
- 65°C से ऊपर का पेय संभावित रूप से कैंसरकारी माना गया है।
कैसे बचें इस खतरे से? ✅
☑️ बहुत गरम पेय को कम से कम 5 मिनट ठंडा होने दें, इससे तापमान 10–15°C तक कम हो जाता है।
☑️ धीरे-धीरे चुस्की लें, बड़ी चुसकी से बचें।
☑️ चाय/कॉफी को हिलाएं, उस पर फूंक मारें या उसमें थोड़ा ठंडा पानी/दूध मिलाएं।
☑️ टेकेअवे कॉफी का ढक्कन खोलकर पिएं, इससे वह दोगुनी तेजी से ठंडी हो जाती है।
सरकारी कलम की राय 🖋️
👉 समस्या पेय नहीं, बल्कि उसका तापमान है।
👉 स्वाद और सेहत दोनों के लिए बेहतर यही है कि चाय-कॉफी को ठंडा करके धीरे-धीरे पिया जाए।
👉 लोगों को यह समझना होगा कि छोटी-सी आदत (गरम-गरम पीने की जिद) भी बड़े खतरे को जन्म दे सकती है।
