📰 श्रावस्ती में फिर उजागर हुआ फर्जीवाड़ा: 6 शिक्षक बर्खास्त, FIR के आदेश

📰 श्रावस्ती में फिर उजागर हुआ फर्जीवाड़ा: 6 शिक्षक बर्खास्त, FIR के आदेश

उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती ज़िले में शिक्षक भर्ती में फर्जीवाड़े का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। 10,000 शिक्षक भर्ती के तहत चल रही जांच में एक बार फिर छह फर्जी शिक्षक पकड़े गए हैं, जिन्होंने झूठे दस्तावेजों के सहारे सरकारी नौकरी हथिया ली थी।

📌 बर्खास्त हुए फर्जी शिक्षक:
जांच में पकड़े गए सभी शिक्षक सहायक अध्यापक के पद पर कार्यरत थे। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) अजय कुमार ने इन्हें तत्काल बर्खास्त करने और एफआईआर दर्ज कराने का आदेश संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों (BEO) को दिया है।

WhatsApp Channel Join Now
WhatsApp Group Join Now
Telegram Channel Join Now

👨‍🏫 इन शिक्षकों की हुई बर्खास्तगी:

  1. सकीमुद्दीन – प्राथमिक विद्यालय, जोगा गांव, सिरसिया
  2. प्रशांत यादव – कंपोजिट विद्यालय, फुलहिया
  3. देवेंद्र सिंह – प्राथमिक विद्यालय, कटवा, जमुनहा
  4. राजेश कुमार – प्राथमिक विद्यालय, दमोदरा
  5. संजीव कुमार – प्राथमिक विद्यालय, मनवरिया दीवान
  6. सुनील यादव – प्राथमिक विद्यालय, मधवापुर कुथनी

🚨 जांच अभी जारी है
बीएसए अजय कुमार के मुताबिक, “जांच लगातार जारी है। पकड़े गए शिक्षकों के खिलाफ थानों में केस दर्ज कराने के निर्देश दिए जा चुके हैं।” जिला स्तरीय जांच समिति द्वारा बनाए गए विशेष सत्यापन दल दस्तावेजों की गहन पड़ताल कर रहे हैं।

⚠️ बड़ी लापरवाही का संकेत
फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर वर्षों से नौकरी करना यह दर्शाता है कि भर्ती प्रक्रिया में कई स्तरों पर लापरवाही बरती गई थी। इससे शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल उठते हैं।

📣 अब क्या होगा?

  • सभी बर्खास्त शिक्षकों पर धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेजों का प्रयोग और सरकारी धन की हानि जैसे आरोपों में मुकदमा दर्ज होगा।
  • यदि आरोप सिद्ध होते हैं, तो इन्हें कारावास के साथ वेतन वसूली का भी सामना करना पड़ सकता है।
  • आगे और भी फर्जी नियुक्तियों के खुलासे की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

🧑‍⚖️ जनता की नजर में जवाबदेही जरूरी
शिक्षा जैसे पवित्र क्षेत्र में इस तरह की फर्जी नियुक्तियाँ सिर्फ छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ नहीं, बल्कि सरकारी प्रणाली की विश्वसनीयता पर भी गहरी चोट हैं। सरकारी कलम मांग करता है कि ऐसी नियुक्तियों में संलिप्त अधिकारियों की भी जवाबदेही तय की जाए।

📢 “फर्जी डिग्री से मिली नौकरी सच्चे शिक्षक का हक छीनती है। अब वक्त है ऐसे हर नकली नाम को उजागर करने का!”
सरकारी कलम

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top