📰 सरकारी कलम विशेष रिपोर्ट
🗓 25 जुलाई 2025
✍️ लेखक: सरकारी कलम संपादकीय टीम
एक ही कक्षा मेंぎच-गिच कर बच्चों को बैठाना, गुणवत्ता की कीमत पर भीड़ बढ़ाना और स्कूलों की मनमानी पर अब केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने बड़ा सख्त कदम उठाया है। बोर्ड ने सभी स्कूलों को आदेश जारी कर स्पष्ट कर दिया है —
“एक सेक्शन में अधिकतम 40 छात्र ही होंगे, विशेष परिस्थितियों में 45 की छूट भी बोर्ड की अनुमति से ही मिलेगी।”
यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा। जो स्कूल इसका पालन नहीं करेंगे, बोर्ड उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगा।
📏 500 स्क्वायर फीट में सिर्फ 40 छात्र — बोर्ड का स्पष्ट मानक
CBSE ने कहा है कि 12वीं तक की कक्षाओं के प्रत्येक सेक्शन में छात्र संख्या सीमित होगी।
📐 एक सेक्शन = अधिकतम 40 छात्र
📐 विशेष मामलों में = 45 छात्र (बोर्ड की अनुमति से)
स्कूलों को अब इस सीमा के अनुरूप ही CBSE वेबसाइट पर छात्रों का पंजीकरण करना होगा। 40 से अधिक छात्रों के पंजीकरण के लिए बोर्ड अनुमोदन पत्र अनिवार्य होगा।
🔍 किन परिस्थितियों में मिल सकती है छूट?
बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि कुछ विशेष सामाजिक-प्रशासनिक परिस्थितियों में ही छूट दी जा सकती है, जैसे:
- ट्रांसफर के कारण एडमिशन लेने वाले छात्र (विशेषकर सेना/केंद्र सरकार/निजी कंपनियों के कर्मचारी)
- गंभीर बीमारी से पीड़ित छात्र
- परीक्षा में प्रदर्शन सुधारने हेतु दोबारा नामांकन लेने वाले छात्र
📌 लेकिन बोर्ड ने यह भी चेताया है कि —
“ऐसा न हो कि स्कूल हर सेक्शन में 45 छात्रों तक भर दें और इसे छूट की आड़ में छिपा दें।”
🏫 स्कूल सेक्शन भी नहीं बढ़ा सकेंगे मनमाने ढंग से
छात्र संख्या सीमित करने के साथ ही बोर्ड ने यह भी तय किया है कि स्कूल छात्रों को समायोजित करने के नाम पर मनमाने तरीके से सेक्शन भी नहीं बढ़ा सकेंगे।
हर सेक्शन की अनुमति और संरचना बोर्ड से अनुमोदन के आधार पर तय होगी।
📢 तीन साल से दे रहे थे चेतावनी, अब सीधी कार्रवाई की बारी
CBSE सिटी कोऑर्डिनेटर बलविंदर सिंह ने बताया कि —
“बोर्ड पिछले तीन सालों से पत्र भेजकर यह नियम लागू करने की बात कर रहा था, लेकिन कई स्कूलों ने इसकी अनदेखी की। अब ऐसे स्कूलों के खिलाफ अनिवार्य रूप से कार्रवाई की जाएगी।”
📌 बोर्ड की वेबसाइट पर तकनीकी रूप से भी सीमाएं निर्धारित कर दी गई हैं — अब 40 के बाद नया पंजीकरण नहीं हो सकेगा जब तक अनुमोदन न हो।
🎯 “सरकारी कलम” की विशेष टिप्पणी
CBSE का यह फैसला छात्र-केंद्रित शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए बेहद ज़रूरी कदम है। लंबे समय से स्कूलों में अधिक बच्चों को एक ही कक्षा में बैठाकर, “शिक्षा” को मात्र संख्या का खेल बना दिया गया था।
यह कदम न केवल शैक्षणिक गुणवत्ता को बढ़ाएगा, बल्कि बच्चों की मानसिक और शारीरिक सुविधा को भी सुनिश्चित करेगा।
👉 शिक्षा सिर्फ एडमिशन से नहीं, अनुभव से मजबूत होती है — और अनुभव की जगह भी जरूरी है।
🧑🏫 अभिभावकों को भी जानना चाहिए:
✅ अगर आपके बच्चे की कक्षा में 40 से ज्यादा छात्र हैं, तो पूछें — क्या इसके लिए CBSE की अनुमति ली गई है?
✅ अगर स्कूल नियमों का उल्लंघन कर रहा है, तो इसकी शिकायत CBSE क्षेत्रीय कार्यालय या वेबसाइट पर की जा सकती है।
📌 “सरकारी कलम” आपसे अपील करता है — शिक्षा के अधिकार के साथ-साथ गुणवत्ता की भी रक्षा कीजिए।
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