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🧂⚠️ दोगुना नमक = दोगुना ख़तरा: ‘मूक महामारी’ की तरफ़ ले जा रही हमारी थाली
ICMR–NIE के ताज़ा अध्ययन ने बढ़ते सोडियम सेवन पर बजाई अलार्म की घंटी
🍲 “चुटकी भर” से “चम्मच भर” तक पहुँचा नमक
जायके की जान नमक — सही मात्रा में हो तो भोजन अमृत, लेकिन ज़रा सी अति और बन सकता है ज़हर।
भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) के अनुसार,
अत्यधिक नमक का सेवन हमारे बीच उच्च रक्तचाप, स्ट्रोक, दिल व गुर्दे की बीमारियों को चुपचाप बढ़ा रहा है।
📊 शहरी बनाम ग्रामीण — हर जगह ओवरडोज़!
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की सलाह: 5 ग्राम/दिन से कम नमक।
⚙️ शहरी भारतीय: ≈ 9.2 ग्राम/दिन
🌾 ग्रामीण भारतीय: ≈ 5.6 ग्राम/दिन
👉 मतलब, हम सभी सिफ़ारिश से ऊपर जा रहे हैं!
🔬 ICMR–NIE का तीन वर्षीय प्रोजेक्ट
पंजाब और तेलंगाना में शुरू हुई यह परियोजना
स्वास्थ्य-कर्मियों के माध्यम से लोगों को कम सोडियम वाले विकल्प अपनाने का परामर्श देती है।
अध्ययन के नेतृत्वकर्ता डा. शरण मुरली बताते हैं कि केवल
लो-सोडियम नमक इस्तेमाल करने से रक्तचाप औसतन 7/4 mmHg तक घट सकता है।
💡 पोटेशियम-मैग्नीशियम युक्त नमक: छोटा बदलाव, बड़ा असर
लो-सोडियम नमक में सोडियम क्लोराइड का हिस्सा आंशिक रूप से
पोटेशियम या मैग्नीशियम लवण से बदला जाता है, जिससे
स्वाद लगभग वही रहता है पर ख़तरा आधा हो जाता है।
✅ रोज़मर्रा में सोडियम घटाने के 5 आसान उपाय
- 🥗 ताज़े मसाले और जड़ी-बूटियाँ इस्तेमाल करें, प्रोसेस्ड सॉस कम करें।
- 🔍 लेबल जाँचें: “Low-Sodium” या “No Added Salt” उत्पाद चुनें।
- 🚫 टेबल-सॉल्ट बैन: भोजन परोसने के बाद ऊपर से नमक न छिड़कें।
- 🥤 पैकेज्ड स्नैक्स और सोडा ड्रिंक्स सीमित करें — छिपा नमक इनमें अधिक है।
- 🧂➡️🧳 साधारण से लो-सोडियम नमक पर स्विच करें, खासकर हाइपरटेंशन वालों के लिए।
🔔 सात समुद्र नहीं, बस सात ग्राम से भी कम पर रोकें लवण-लहर
नमक ज़रूरी है, लेकिन मात्रा का माप और प्रकार का चुनाव
ही हमारे दिल-दिमाग़ की ढाल बन सकता है।
ICMR की चेतावनी को गम्भीरता से लेकर
“अधिक स्वाद” नहीं, स्वस्थ स्वाद अपनाएँ — ताकि महामारी नहीं,
सेहत का उत्सव मनाएँ! 🎉
