🏏 यूपी के 100 परिषदीय स्कूलों में क्रिकेट ट्रेनिंग की शुरुआत, बच्चों को मिलेगी फ्री किट और कोचिंग 🎒

🏏 यूपी के 100 परिषदीय स्कूलों में क्रिकेट ट्रेनिंग की शुरुआत, बच्चों को मिलेगी फ्री किट और कोचिंग 🎒

🗓️ अपडेट: जुलाई 2025  | 
✍️ रिपोर्टर: अक्षय कुमार  | 
📍 स्थान: लखनऊ, उत्तर प्रदेश


अब सरकारी स्कूलों के छात्र भी सिख सकेंगे क्रिकेट के गुर!
बेसिक शिक्षा विभाग ने बच्चों के समग्र विकास की दिशा में
एक नया कदम उठाते हुए मुंबई की संस्था “The Right Pitch” से MoU किया है।
इसके तहत बच्चों को न सिर्फ क्रिकेट की ट्रेनिंग दी जाएगी, बल्कि
क्रिकेट किट 🎽🏏 भी मुहैया कराई जाएगी – वो भी बिल्कुल मुफ्त!

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📍 किन जिलों में होगी शुरुआत?

पहले चरण में 5 जिलों के 20-20 स्कूलों को इस योजना में शामिल किया गया है:

  • 📍 लखनऊ
  • 📍 अयोध्या
  • 📍 बाराबंकी
  • 📍 अलीगढ़
  • 📍 कानपुर देहात

कुल 100 स्कूलों में यह अभियान 4 अगस्तअन्य जिलों तक भी विस्तार दिया जाएगा।

🎯 उद्देश्य: मैदान में लौटेंगे बच्चे, मोबाइल से मिलेगा छुटकारा

SCERT (राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद) के संयुक्त निदेशक
डॉ. पवन सचान ने बताया कि बच्चों को मोबाइल की लत से हटाकर
खेल और फिटनेस की ओर ले जाना इस पहल का मुख्य उद्देश्य है।
क्रिकेट जैसे खेल से बच्चों को न केवल फिजिकल फिटनेस बल्कि टीमवर्क, लीडरशिप
और अनुशासन भी सिखाया जाएगा।

🧑‍🏫 कैसे होगी ट्रेनिंग? कौन सिखाएगा?

The Right Pitch संस्था के प्रशिक्षक बच्चों को क्रिकेट की
बारीकियां सिखाएंगे। स्कूलों में कक्षा 3 से 8 तक के बच्चों को दो श्रेणियों में बांटा जाएगा:

  • 👦 जूनियर टीम (कक्षा 3-5)
  • 🧑 सीनियर टीम (कक्षा 6-8)

इन टीमों को नियमित कोचिंग के साथ-साथ क्रिकेट किट भी प्रदान की जाएगी जिसमें
बैट, बॉल, पैड्स, ग्लव्स, हेलमेट आदि शामिल होंगे।

🎤 शुभांकर पॉल बोले – “बच्चों को मैदान का स्टार बनाएंगे”

The Right Pitch के संस्थापक शुभांकर पॉल ने बताया कि
4 अगस्त से स्कूल स्तर पर यह मुहिम विधिवत शुरू की जाएगी।
“हमारा मकसद है कि बच्चे खेल के जरिए आत्मविश्वासी बनें और अपना हुनर पहचानें।”

🌟 भविष्य की राह: स्पोर्ट्स से शिक्षा को मिलेगा नया आयाम

इस तरह की पहल से सरकारी स्कूलों के बच्चों में स्पोर्ट्स के प्रति रुझान बढ़ेगा।
खेल-कूद को शिक्षा से जोड़ने से बच्चों का संपूर्ण विकास सुनिश्चित होगा।
इसके साथ ही बच्चों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेने का अवसर भी मिल सकेगा।

🎓 निष्कर्ष: इस अनोखी पहल से परिषदीय विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को
शिक्षा के साथ-साथ खेल में भी अपना भविष्य चमकाने का सुनहरा अवसर मिलेगा।
“खेलोगे कूदोगे, बनोगे नवाब!” – यह कहावत अब हकीकत बनने जा रही है।

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