👶 बालवाटिकाओं में 8800 एजुकेटर की होगी तैनाती 📚
🗓️ लखनऊ | शिक्षा अपडेट | 10 जुलाई 2025
🎯 तैनाती की प्रक्रिया कैसे होगी?
ये एजुकेटर परिषदीय और कंपोजिट विद्यालयों में कार्यरत होंगे, जहाँ बालवाटिका का संचालन हो रहा है। प्राथमिकता उन शिक्षकों को दी जाएगी जो समय-सीमा में बच्चों की संख्या और गुणवत्ता के लक्ष्य पूरे करेंगे। नवाचार के साथ बेहतर पढ़ाई-पाठन वाले विद्यालयों में इनकी नियुक्ति की जाएगी।
🏫 जिलावार एजुकेटर तैनाती का आंकड़ा
- लखनऊ – 1064 एजुकेटर
- प्रयागराज – 210
- गोरखपुर – 210
- वाराणसी – 130
- अयोध्या – 120
- कानपुर – 130
- मेरठ – 110
- बरेली – 100
इसके अलावा अन्य जिलों में भी संख्या के अनुसार एजुकेटर तैनात किए जाएंगे।
🚍 परिवहन भी होगा सुनिश्चित
यदि किसी विद्यालय की दूरी 5 किलोमीटर से अधिक होगी, तो छात्र को ₹600 प्रति माह परिवहन भत्ता भी दिया जाएगा। इस सुविधा का लाभ दूर-दराज के गरीब बच्चों को स्कूल भेजने के उद्देश्य से दिया जाएगा।
⚖️ स्कूलों के विलय पर अब भी विवाद
हालांकि विद्यालयों के विलय को लेकर विवाद जारी है। इसके खिलाफ हाईकोर्ट में नई जनहित याचिका दायर की गई है, जिसकी सुनवाई आज (बृहस्पतिवार) को होनी है। याचिका में 16 जून को दिए गए विलय आदेश को रद्द करने की मांग की गई है। साथ ही यह भी आग्रह किया गया है कि RTE अधिनियम के अनुसार राज्य सरकार परिवहन के लिए दिशा-निर्देश तय करे।
📌 निष्कर्ष
जहां एक ओर राज्य सरकार बाल शिक्षा को सशक्त करने की दिशा में ठोस प्रयास कर रही है, वहीं दूसरी ओर स्कूल विलय का मुद्दा अभी भी गरमाया हुआ है। देखना होगा कि शिक्षा की गुणवत्ता में यह नई पहल कितनी मददगार साबित होती है।
