🏫 स्कूलों के विलय पर जारी रहेगा विरोध! शिक्षक संगठनों की सरकार को खुली चुनौती 🚫
शिक्षक संगठनों ने बेसिक शिक्षा मंत्री से मिलकर विलय के फैसले को वापस लेने की मांग की
📍 लखनऊ में बड़ा घटनाक्रम: शिक्षक संगठनों की सरकार से दो टूक
लखनऊ: प्रदेश में कम नामांकन वाले परिषदीय विद्यालयों के विलय (Merger) के खिलाफ
शिक्षक संगठनों ने खुला विरोध दर्ज कराया है। सोमवार को विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने
बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह से मुलाकात कर अपनी आपत्ति दर्ज की।
👨🏫 सुप्रीम कोर्ट की अनुमति से पहले विलय का विरोध
शिक्षक नेताओं ने साफ कहा कि सुप्रीम कोर्ट में यह मामला लंबित है, ऐसे में विलय की कोई भी प्रक्रिया
शुरू करना अवैध होगा। संगठनों का कहना है कि यह निर्णय न केवल ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था को
प्रभावित करेगा बल्कि शिक्षकों की स्थायित्व और सुरक्षा को भी खतरे में डालेगा।
📢 पूरे प्रदेश में प्रदर्शन की तैयारी
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने घोषणा की है कि बीएसए कार्यालयों पर
जोरदार धरना-प्रदर्शन होगा। 150 ब्लॉकों में सोमवार से धरना प्रारंभ हो चुका है।
अगले 10 दिनों तक जिलों में लगातार आंदोलन जारी रहेगा। इससे पहले 6 जुलाई को लखनऊ में भी विरोध सभा आयोजित की गई थी।
🗣️ “हमारी लड़ाई लंबी चलेगी”: संजय सिंह
संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी संजय सिंह ने कहा कि यदि सरकार ने शिक्षा व्यवस्था के इस
जनविरोधी निर्णय को वापस नहीं लिया तो पूरे प्रदेश में बड़े स्तर पर विरोध आंदोलन
छेड़ा जाएगा। शिक्षकों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
💬 शिक्षक संगठनों की प्रमुख मांगें
- 📌 सुप्रीम कोर्ट का निर्णय आने तक विलय की प्रक्रिया पर रोक
- 📌 ग्रामीण क्षेत्रों में विद्यालयों की संख्या में कोई कटौती नहीं
- 📌 शिक्षकों की सुरक्षा, स्थायित्व और पदस्थापन की पारदर्शी नीति
- 📌 विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं की पूर्ति
📝 निष्कर्ष
प्रदेश की शिक्षा नीति के तहत लिए गए विद्यालय विलय के निर्णय को लेकर शिक्षक संगठनों का विरोध
अब व्यापक रूप ले चुका है। अब देखना यह होगा कि सरकार इस जनआंदोलन के स्वरूप को कितना गंभीरता से लेती है
और शिक्षकों की मांगों पर क्या निर्णय आता है।
