गोंडा: लिपिक अनुपम पांडेय पर करोड़ों की अवैध संपत्ति का आरोप, विधायक ने सीएम से की शिकायत


गोंडा: लिपिक अनुपम पांडेय पर करोड़ों की अवैध संपत्ति का आरोप, विधायक ने सीएम से की शिकायत

गोंडा, 12 जून 2025 — उत्तर प्रदेश के गोंडा ज़िले में बेसिक शिक्षा विभाग के वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय में तैनात लिपिक अनुपम पांडेय पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का गंभीर आरोप लगा है। यह शिकायत तरबगंज विधायक प्रेम नारायण पांडेय ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से व्यक्तिगत भेंट के दौरान की।


📌 लखनऊ और गोंडा में मकान, करोड़ों की संपत्ति, महंगी जीवनशैली का आरोप

विधायक का आरोप है कि लिपिक अनुपम पांडेय के पास:

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  • गोंडा व लखनऊ में कुल 7 मकान
  • लग्जरी ब्रांड की 9 गाड़ियां
  • पत्नी और परिजनों के नाम पर 8 वाहन
  • बैंक खातों में बेहिसाब नकदी
  • दुबई यात्रा में लाखों का खर्च
  • घर में 5 नौकर

बताया गया कि उनकी बेटी जनवरी 2024 में दुबई गई थी और 25 फरवरी को लौटी, लेकिन गैरहाजिरी के बावजूद वेतन भुगतान किया गया। उस होटल का जिक्र भी रिपोर्ट में है, जिसमें एक रात का किराया ₹77,000, भोजन की थाली ₹6,500 और एक पानी की बोतल ₹700 बताई गई।


🏫 फर्जी शिक्षक नियुक्ति और वेतन भुगतान का आरोप

शिकायत में यह भी कहा गया कि लिपिक ने:

  • अपनी साली को फर्जी डिग्री के आधार पर शिक्षक बनाकर लाखों का वेतन दिलाया।
  • अपनी बेटी को भी अध्यापक बताकर वेतन भुगतान कराया, जबकि वह विदेश में थी।
  • पत्नी के नाम फर्जी बैंक खाते खुलवाकर अवैध लेन-देन किया।
  • वंशीधर लघु माध्यमिक विद्यालय, मनकापुर और अन्य संस्थानों से भारी वेतन भुगतान कराए।

🔍 जांच के आदेश, मंडलायुक्त ने ली संज्ञान

मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रमुख सचिव संजय प्रसाद ने मामले की गंभीरता को देखते हुए देवीपाटन मंडल के आयुक्त को जांच के आदेश दिए हैं।

मंडलायुक्त शशिभूषण लाल सुशील ने बताया कि,

“प्रकरण की जांच की जा रही है। लिपिक से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन वह उपलब्ध नहीं हो सके।”


📣 क्या कहते हैं जानकार?

राज्य में आय से अधिक संपत्ति के मामलों में अगर आरोप सही पाए जाते हैं, तो आरोपी पर लोक सेवक भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत गंभीर कानूनी कार्रवाई हो सकती है, जिसमें निलंबन, गिरफ्तारी और संपत्ति ज़ब्ती तक की कार्रवाई संभव है।


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यह प्रकरण न सिर्फ शिक्षा विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है, बल्कि यह सवाल भी खड़ा करता है कि एक लिपिक की इतनी संपत्ति आखिर कैसे बनी? क्या अफसरशाही का एक बड़ा नेटवर्क इस अवैध कमाई में शामिल है?


📝 निष्कर्ष:

गोंडा से शुरू हुआ यह मामला अब राज्य स्तर पर जांच का विषय बन गया है। आने वाले दिनों में इस पर बड़ी कार्रवाई की संभावना है।


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