एटीएम से पैसा निकालने के चलन में तेजी
लखनऊ: यूपी में एटीएम से नकदी निकालने का चलन एक बार फिर से रफ्तार पकड़ रहा है। जहां डिजिटल भुगतान के विकल्प लगातार बढ़ रहे हैं, वहीं एटीएम का इस्तेमाल और डेबिट कार्ड ट्रांजेक्शन में तेजी से बढ़ोतरी देखी जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल लेनदेन के बावजूद नकद की जरूरत बनी हुई है, और यही कारण है कि यूपी में एटीएम की संख्या में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। मार्च 2023 में जहां एटीएम की कुल संख्या 18,866 थी, वहीं मार्च 2025 तक यह बढ़कर 18,933 हो गई है।
🧾 यूपी में एटीएम की बढ़ती तादाद
| गणना वर्ष | कुल एटीएम | प्रति वर्ग किमी पर एटीएम | प्रति लाख आबादी पर एटीएम |
|---|---|---|---|
| मार्च 2023 | 18,866 | 12.90 | 9.16 |
| मार्च 2024 | 18,909 | 12.87 | 9.17 |
| मार्च 2025 | 18,933 | 12.85 | 9.19 |
🏙 सबसे अधिक एटीएम वाले जिले
प्रदेश में गौतमबुद्धनगर पहले स्थान पर है जहां प्रति लाख आबादी पर 84.10 एटीएम हैं। इसके बाद लखनऊ में 42.44 एटीएम और गाज़ियाबाद में 22.71 एटीएम प्रति लाख की उपलब्धता दर्ज की गई है।
📈 क्यों बढ़ रही है नकद निकासी?
हालांकि यूपी में डिजिटल लेन-देन तेज़ी से बढ़ रहा है, लेकिन अब भी लोगों की बड़ी संख्या नकद लेनदेन को प्राथमिकता देती है। ग्रामीण क्षेत्रों और छोटे व्यापारों में नकदी की मांग अभी भी प्रमुख है।
रिज़र्व बैंक के आंकड़े भी दर्शाते हैं कि डिजिटल विकास के साथ-साथ नकदी का चलन भी स्थिर बना हुआ है। इससे यह साफ है कि आने वाले समय में एटीएम की उपयोगिता बनी रहेगी।
📌 निष्कर्ष
UP में बढ़ती एटीएम की संख्या इस बात का प्रमाण है कि डिजिटल और नकद, दोनों प्रकार के लेनदेन साथ-साथ चल रहे हैं। भविष्य में तकनीक के साथ अगर एटीएम सुविधाओं को और उन्नत किया जाए, तो यह आम नागरिकों के लिए एक बेहतर विकल्प साबित होगा।
