अब तय होगी मदरसा शिक्षकों की नई योग्यता! 📚⚖️
नई नियुक्तियों पर लगी रोक, पाठ्यक्रम में होंगे आधुनिक विषय शामिल 🛑
उत्तर प्रदेश सरकार ने मदरसों में शिक्षकों की नई नियुक्तियों पर रोक लगा दी है। अब शिक्षकों की योग्यता नए सिरे से तय की जाएगी, जिसके बाद ही किसी भी नए शिक्षक की भर्ती संभव हो सकेगी।
प्रदेश में कितने मदरसे हैं? 🕌
➡️ उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद से मान्यता प्राप्त कुल 16,460 मदरसे।
➡️ इनमें 560 मदरसे सरकारी सहायता प्राप्त हैं।
➡️ तहतानिया (कक्षा 1-5), फौकानिया (कक्षा 5-8), आलिया (हाईस्कूल व ऊपर) स्तर की शिक्षा दी जा रही है।
वर्तमान शिक्षक रहेंगे सुरक्षित ✅
अल्पसंख्यक कल्याण निदेशक श्री अंकित कुमार अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में कार्यरत शिक्षकों पर इस निर्णय का प्रभाव नहीं पड़ेगा।
➡️ उनके लिए ब्रिज कोर्स चलाए जाएंगे।
➡️ उन्हें आधुनिक विषयों से जोड़ा जाएगा।
➡️ विषयवार योग्यता का निर्धारण कर उन्हें प्रशिक्षित किया जाएगा।
नई शिक्षा नीति के अनुसार होगा पाठ्यक्रम 📘
नई व्यवस्था में एक शासन स्तर की कमेटी बनाई जाएगी, जिसकी अध्यक्षता अल्पसंख्यक कल्याण निदेशक करेंगे।
यह कमेटी:
- शिक्षकों की न्यूनतम योग्यता तय करेगी।
- नई शिक्षा नीति (NEP) के अनुसार पाठ्यक्रम का निर्माण करेगी।
- आधुनिक विषयों को अनिवार्य रूप से जोड़ेगी।
फाजिल डिग्री पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी ⚖️
यूजीसी से मान्यता ना होने के कारण फाजिल डिग्री को सुप्रीम कोर्ट ने असंवैधानिक करार दिया है।
इससे भी शिक्षकों की योग्यता को लेकर नए सिरे से बदलाव की आवश्यकता सामने आई है।
क्यों जरूरी है यह बदलाव? 🔍
- शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार
- छात्रों को आधुनिक विषयों से जोड़ना
- संवैधानिक और शैक्षणिक मानकों का पालन
सरकार का यह कदम मदरसा शिक्षा को आधुनिक और प्रासंगिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। जल्द ही नई योग्यता व पाठ्यक्रम तय होते ही भर्तियों का मार्ग प्रशस्त होगा।
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