केजीबीवी की छात्राओं के भोजन बजट में वृद्धि, 6 रुपये प्रतिदिन की बढ़ोतरी
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के 746 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (केजीबीवी) में पढ़ने वाली 1.10 लाख छात्राओं को अब बेहतर पोषण मिलेगा। शिक्षा मंत्रालय ने प्रति छात्रा भोजन के लिए रोजाना राशि को 60 रुपये से बढ़ाकर 66 रुपये कर दिया है। यह निर्णय प्रोजेक्ट एडवाइजरी बोर्ड (PAB) की मंजूरी के बाद नए शैक्षिक सत्र से लागू होगा।
अब प्रति छात्रा हर महीने 1980 रुपये भोजन पर खर्च किए जाएंगे, जबकि पहले यह राशि 1800 रुपये थी।
छात्राओं के लिए नए इंफ्रास्ट्रक्चर की योजना
- कक्षा 9वीं से 12वीं तक विद्यालयों का उच्चीकरण किया जा रहा है।
- प्रत्येक विद्यालय में 100 छात्राओं की क्षमता वाले छात्रावास, क्लासरूम और विज्ञान लैब भी तैयार किए जा रहे हैं।
- 459 विद्यालयों में रोटी बनाने की मशीनें लगाई जाएंगी जिससे रसोइयों का काम आसान हो सकेगा।
मानदेय में 5% की बढ़ोतरी, पर कर्मचारियों में असंतोष
हालांकि सरकार ने केजीबीवी में कार्यरत वार्डन, शिक्षिकाओं और अन्य कर्मचारियों के मानदेय में 5% की वृद्धि की है, लेकिन इसे लेकर कर्मचारियों में नाराज़गी है। उनका कहना है कि महंगाई के अनुरूप बढ़ोतरी नहीं की गई।
बढ़े हुए मानदेय की कुछ प्रमुख दरें:
- वार्डन: ₹31,763
- फुलटाइम शिक्षिका: ₹25,410
- पार्टटाइम शिक्षिका: ₹12,790
- उर्दू शिक्षिका: ₹17,196
- अकाउंटेंट: ₹14,357
- हेड कुक: ₹9,006
- सहायक कुक: ₹6,755
- चपरासी/चौकीदार: ₹7,505
नई सुविधाएं भी होंगी शामिल
विद्यालयों में वाशिंग मशीन, गीजर और अन्य आधुनिक सुविधाओं की भी पीएबी ने मंजूरी दे दी है, जिससे छात्राओं और कर्मचारियों को और सहूलियत मिल सके।
निष्कर्ष: यह कदम छात्राओं के पोषण और शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में मदद करेगा, लेकिन कर्मचारियों की वेतन वृद्धि को लेकर असंतोष भविष्य में आंदोलन या विरोध की स्थिति ला सकता है।
