फर्जी बीएड डिग्री पर नौकरी? भदोही के बीएसए भूपेंद्र नारायण सिंह पर गंभीर आरोप, जांच की मांग
भदोही — जिले के बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) भूपेंद्र नारायण सिंह पर बीएड की फर्जी डिग्री के आधार पर नौकरी हासिल करने का गंभीर आरोप लगा है। यह आरोप जखांव निवासी अशोक कुमार मिश्रा ने लगाते हुए अपर प्रमुख सचिव, बेसिक शिक्षा को पत्र भेजकर पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ शिकायती पत्र
मंगलवार को यह शिकायती पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसमें दावा किया गया है कि भूपेंद्र नारायण सिंह ने पं. दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की फर्जी बीएड मार्कशीट के आधार पर 16 जनवरी 1991 को जौनपुर स्थित इम्पीरियल कॉलेज कोनार्का में बतौर असिस्टेंट टीचर नियुक्ति प्राप्त की थी।
पदोन्नति और तैनाती का क्रम
इसके बाद उन्होंने सहायक लेखाकार के रूप में बांदा, फिर प्रतापगढ़, गोरखपुर और वर्तमान में भदोही के बीएसए के पद पर कार्यभार संभाला। वे पिछले तीन वर्षों से अधिक समय से भदोही जिले में तैनात हैं।
शिकायतकर्ता की मांग: दस्तावेजों की जांच हो
शिकायतकर्ता अशोक कुमार मिश्रा ने मांग की है कि भूपेंद्र नारायण सिंह की बीएड डिग्री व मार्कशीट की वैधता की जांच कराई जाए। यदि प्रमाणपत्र फर्जी साबित होते हैं तो उनके खिलाफ विभागीय व कानूनी कार्रवाई की जाए।
प्रशासन की चुप्पी
अब तक प्रशासन या स्वयं बीएसए की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। हालांकि, शिक्षा विभाग में हलचल तेज हो गई है और संभावना है कि मामला गंभीर होने के कारण शासन स्तर पर प्राथमिक जांच के आदेश दिए जा सकते हैं।
बड़ा सवाल: अगर आरोप सही हैं तो?
यदि आरोप सिद्ध होते हैं, तो यह केवल एक व्यक्ति का मामला नहीं, बल्कि शिक्षा विभाग की भर्ती प्रक्रिया और दस्तावेज़ सत्यापन की गंभीर चूक को दर्शाता है। ऐसे में यह मामला प्रदेश भर के शिक्षा विभाग में फर्जी डिग्री धारकों की पहचान और छंटनी की शुरुआत बन सकता है।
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