निपुण मिशन को नया आयाम: अब 400 प्रधानाध्यापकों को मिलेगा ‘निपुण चैंपियन पुरस्कार’ 🏅📘
लखनऊ: शिक्षा मंत्रालय के निर्देशों के तहत प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में निपुण भारत मिशन को लेकर बड़े बदलाव किए गए हैं। शासन ने अब निपुण मूल्यांकन के लक्ष्य और मानकों को संशोधित कर दिया है। साथ ही, राज्य भर के 400 उत्कृष्ट प्रधानाध्यापकों को ‘निपुण चैंपियन पुरस्कार’ से सम्मानित किया जाएगा। 🎯👨🏫
क्या है नया बदलाव? 🔁
- अब जो परिषदीय विद्यालय संशोधित लक्ष्य पूरे करेंगे, उन्हें स्वतंत्र मूल्यांकन के बाद निपुण विद्यालय घोषित किया जाएगा।
- उनके प्रधानाध्यापक को मिलेगा “निपुण चैंपियन हेड मास्टर ऑफ दि डिस्ट्रिक्ट” का खिताब।
- चयनित 400 प्रधानाध्यापकों को दिए जाएंगे:
- ₹25,000 का पुरस्कार
- प्रशस्ति पत्र
- राज्य, जिला व विकासखंड स्तर पर सम्मान
- उत्कृष्ट संस्थाओं में विशेष प्रशिक्षण 🎓
इन शर्तों पर मिलेगा सम्मान ✅
- विद्यालय में कुल नामांकन 100 से कम नहीं होना चाहिए।
- 2024-25 के सापेक्ष छात्रों की संख्या में कमी नहीं होनी चाहिए।
- कक्षा 1 से 5 तक छात्रों की औसत उपस्थिति 75% से अधिक होनी चाहिए।
- प्रेरणा पोर्टल के डिजिटल रजिस्टर से उपस्थिति और यू-डायस से नामांकन डेटा लिया जाएगा।
कक्षा 1 व 2 के लिए लक्ष्य 🎯
- सत्र 2025-26 और 2026-27 में कक्षा 1 और 2 के 80% छात्र निर्धारित दक्षता प्राप्त करें — यही लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
नामांकन प्रक्रिया कैसे होगी? 🖥️
- प्रधानाध्यापक प्रेरणा पोर्टल पर विद्यालय मूल्यांकन हेतु ऑनलाइन नामांकन करेंगे।
- इसके बाद, प्राचार्य डायट के निर्देशन में अन्य ब्लॉक के एआरपी व डायट मेंटर द्वारा विद्यालय का मूल्यांकन किया जाएगा।
इस पैसे का उपयोग कहाँ होगा? 💡
- पुरस्कार राशि का प्रयोग विद्यालय में:
- खेलकूद सामग्री
- शैक्षिक नवाचार
- विद्यार्थी केंद्रित गतिविधियों के लिए किया जा सकेगा।
निष्कर्ष:
यह पहल निपुण भारत मिशन को नई गति देने के साथ-साथ शिक्षकों के उत्साहवर्धन का भी कार्य करेगी। इससे परिषदीय शिक्षा व्यवस्था में गुणवत्ता व प्रतिस्पर्धा दोनों को बढ़ावा मिलेगा। 📚✨
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