अब मदरसों में भी पढ़ाई जाएगी विज्ञान और गणित: आधुनिक शिक्षा की ओर कदम
कक्षा 9 से 12 के विद्यार्थियों को यूपी बोर्ड की तर्ज पर मिलेगा समग्र पाठ्यक्रम
लखनऊ | विशेष संवाददाता — उत्तर प्रदेश सरकार ने मदरसा शिक्षा को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। अब प्रदेश के मदरसों में कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों को विज्ञान और गणित जैसे आधुनिक विषय भी पढ़ाए जाएंगे। यह निर्णय यूपी बोर्ड के समकक्ष पाठ्यक्रम लागू करने के उद्देश्य से लिया गया है, ताकि मदरसा छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं और आगे की पढ़ाई में बराबरी का अवसर मिल सके।
मुख्य बिंदु:
- प्रदेश में कुल 13,329 मान्यता प्राप्त मदरसे हैं।
- इनमें 1,235,400 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं।
- 561 मदरसे अनुदानित हैं, जिनमें 231,806 छात्र अध्ययनरत हैं।
- अभी तक कक्षा 1-8 तक का पाठ्यक्रम बेसिक शिक्षा परिषद के अनुरूप है।
- कक्षा 9-12 में अब तक विज्ञान और गणित शामिल नहीं थे।
क्या होगा नया?
- कक्षा 9 से 12 के छात्रों के लिए विज्ञान और गणित को अनिवार्य विषय के रूप में शामिल किया जाएगा।
- साथ में उर्दू, अरबी, फारसी और अंग्रेजी जैसी भाषाएं भी पूर्ववत पढ़ाई जाएंगी।
- निदेशक समाज कल्याण की अध्यक्षता में गठित कमेटी की बैठक जल्द होगी, जिसमें पाठ्यक्रम, पुस्तकें, शिक्षक और प्रशिक्षण से जुड़ी रणनीति तय की जाएगी।
सरकार की मंशा क्या है?
राज्य सरकार का उद्देश्य मदरसा छात्रों को आधुनिक विषयों से जोड़ना, उनकी प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता की संभावना बढ़ाना और उन्हें रोज़गारपरक शिक्षा की ओर उन्मुख करना है।
निष्कर्ष:
यह कदम मदरसा शिक्षा को संतुलित, समावेशी और व्यावहारिक बनाने की दिशा में एक साहसिक प्रयास है। यदि यह योजना सफल होती है, तो लाखों छात्रों को अंधकार से ज्ञान के प्रकाश की ओर बढ़ने का अवसर मिलेगा।
