बहराइच: सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों की शिक्षा गुणवत्ता में खामियां, डीआईओएस की कार्रवाई
मुख्य बिंदु:
- अयोग्य शिक्षक पाए गए: डीआईओएस की जांच में आदर्श विद्या मंदिर चरदा में अयोग्य शिक्षक पढ़ाते पाए गए।
- आंगनबाड़ी केंद्र का ताला बंद: उच्च प्राथमिक विद्यालय चरदा में स्थित आंगनबाड़ी केंद्र पिछले छह महीनों से बंद था।
- शैक्षिक गुणवत्ता पर सवाल: नेहरू स्मारक इंटर कॉलेज रुपईडीहा और श्रीराम जानकी इंटर कॉलेज में शिक्षा की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं पाई गई।
- प्रधानाध्यापक का वेतन रोका गया: नेहरू स्मारक इंटर कॉलेज में शिक्षा की गुणवत्ता की कमी के कारण प्रधानाध्यापक मनोज कुमार अहिरवार का वेतन अग्रिम आदेश तक रोकने का आदेश दिया गया।
- शिक्षामित्रों की अनुपस्थिति:
- रुपईडीहा के प्राथमिक विद्यालय में शिक्षामित्र दीपाव तिवारी अनुपस्थित पाए गए, जिनका एक दिन का मानदेय बाधित किया गया।
- नवाबगंज के प्राथमिक विद्यालय में शिक्षामित्र रचना शर्मा दो दिन से अनुपस्थित थीं, और उनका भी मानदेय बाधित किया गया।
- विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक की शैक्षिक योग्यता की जांच: चरदा के आदर्श विद्या मंदिर में कार्यरत शिक्षकों की शैक्षिक योग्यता मानक के अनुरूप नहीं पाई गई।
- आवश्यक सुधार की दिशा में कदम: डीआईओएस ने विद्यालय प्रबंधन और अन्य संबंधित अधिकारियों को आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही बीएसए (बेसिक शिक्षा अधिकारी) को भी पत्र लिखा गया है ताकि अनुपस्थित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।
जिला विद्यालय निरीक्षक की कार्रवाई:
डीआईओएस ने शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। विद्यालयों में निरीक्षण के दौरान प्रमुख कमी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और शिक्षक-शिक्षिकाओं पर वेतन रोकने की कार्रवाई की गई है। यह कदम शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाने और शिक्षक और शिक्षिकाओं की जिम्मेदारी को सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए हैं।
