इस बार मानसून समय से पहले देगा दस्तक, अच्छी बारिश की उम्मीद – किसानों और आम जनता के लिए राहत की खबर!
नई दिल्ली। देशभर में गर्मी से झुलस रही जनता के लिए राहत की खबर है। इस साल मानसून तय समय से चार दिन पहले यानी 27 मई को केरल पहुंच सकता है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) की मानें तो दक्षिण-पश्चिम मानसून समय से पहले दस्तक देगा और इस बार अच्छी बारिश की संभावना भी जताई जा रही है।
आमतौर पर मानसून केरल में 1 जून को पहुंचता है, लेकिन इस बार वह जल्दी आने वाला है। अगर ऐसा होता है, तो यह 2009 के बाद पहली बार होगा जब मानसून इतनी जल्दी भारत की मुख्य भूमि पर पहुंचेगा। उस साल मानसून 23 मई को पहुंचा था।
जल्दी आने का मतलब ज्यादा बारिश?
अब ये सवाल उठना लाजिमी है कि अगर मानसून जल्दी आ रहा है, तो क्या बारिश भी ज़्यादा होगी? इस पर मौसम विभाग ने साफ कहा है कि मानसून के आगमन की तिथि और वर्षा की मात्रा में कोई सीधा संबंध नहीं होता। यानी अगर केरल में मानसून जल्दी पहुंचा, तो जरूरी नहीं कि देशभर में भी समय से पहले या ज़्यादा बारिश हो। यह वैश्विक और स्थानीय परिस्थितियों पर निर्भर करता है।
खेती-किसानी पर पड़ेगा बड़ा असर
भारत की करीब 42.3% आबादी आज भी खेती पर निर्भर है। ऐसे में मानसून की भूमिका बेहद अहम हो जाती है। बारिश से न सिर्फ खेती को राहत मिलेगी, बल्कि जलाशयों और बिजली उत्पादन में भी मदद मिलेगी। मानसून का अच्छा प्रदर्शन भारत की अर्थव्यवस्था के लिए भी फायदेमंद हो सकता है, जो GDP में 18.2% योगदान देती है।
इस बार “अच्छे मानसून” के संकेत
मौसम विभाग ने अप्रैल में ही अनुमान जताया था कि इस साल मानसून सामान्य से ज़्यादा वर्षा लेकर आएगा। “अल नीनो” जैसी स्थितियों के बनने की संभावना भी खारिज कर दी गई है, जो आमतौर पर कम बारिश से जुड़ी होती है।
पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सचिव एम. रविचंद्रन ने कहा था कि जून से सितंबर तक चलने वाले मानसून सीज़न में इस बार लंबी अवधि के औसत (87 सेमी) का 105% तक बारिश होने की संभावना है। याद रहे कि 96% से 104% के बीच बारिश को ही “सामान्य” माना जाता है।
हर साल का रिकॉर्ड क्या कहता है?
पिछले कुछ सालों में मानसून की एंट्री डेट ये रही:
- 2023: 30 मई
- 2022: 29 मई
- 2021: 3 जून
- 2020: 1 जून
- 2019: 8 जून
अगर इस बार मानसून 27 मई को आता है, तो ये पिछले 15 वर्षों में सबसे जल्दी आगमन होगा।
देश को मिली राहत की उम्मीद
गर्मी से बेहाल उत्तर भारत से लेकर पानी की किल्लत झेल रहे दक्षिणी राज्यों तक – मानसून के समय से पहले आने की खबर ने उम्मीदें जगा दी हैं। दिल्ली में छाते लेकर बारिश से बचते लोग हों या खेतों की राह ताकते किसान – सबकी निगाहें अब 27 मई पर टिकी हैं।
जल्दी बारिश का मतलब है – राहत, उम्मीद और एक नई शुरुआत।
क्या आप भी इस मानसून का इंतज़ार कर रहे हैं? कमेंट करके बताइए कि आपके इलाके में बारिश की कैसी उम्मीद है। इस खबर को शेयर करें और अपनों को बताएं कि राहत अब दूर नहीं!
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