“ऑपरेशन सिंदूर” से जुड़ी यह रिपोर्ट एक ऐतिहासिक और निर्णायक सैन्य कार्रवाई का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करती है, जिसमें भारत ने पाकिस्तान के आतंकी ढांचों पर सटीक और सीमित हमले किए। नीचे इस रिपोर्ट की मुख्य बातें एक समेकित रूप में दी जा रही हैं:
मुख्य विशेषताएं: ऑपरेशन सिंदूर
1. हमले का कारण और पृष्ठभूमि:
- 22 अप्रैल को कश्मीर के पहलगाम में आतंकियों ने 26 निर्दोष पर्यटकों की हत्या कर दी थी।
- देशभर में ग़म और गुस्से का माहौल था।
- इसी के जवाब में भारत ने “ऑपरेशन सिंदूर” को अंजाम दिया।
2. ऑपरेशन का निष्पादन:
- 25 मिनट तक चला ऑपरेशन (रात 1:05 से 1:30 बजे तक)।
- 24 आधुनिक मिसाइलों का इस्तेमाल।
- पाकिस्तान के पंजाब प्रांत और गुलाम जम्मू-कश्मीर के आतंकी ठिकानों पर हमला।
- लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिदीन के मुख्यालय तबाह।
3. हताहत और नुकसान:
- लगभग 70 आतंकवादी मारे गए (मीडिया रिपोर्ट्स अनुसार)।
- मसूद अजहर के 10 रिश्तेदारों सहित कई शीर्ष आतंकी मारे गए।
4. तकनीकी एवं हथियार:
- स्कैल्प क्रूज मिसाइल, हैमर बम किट, एम-777 होवित्जर, और स्मार्ट हथियारों का इस्तेमाल।
- सैन्य या असैन्य प्रतिष्ठानों को नुकसान नहीं पहुंचाया गया।
5. रणनीतिक पहलू:
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरी रात ऑपरेशन की निगरानी की।
- एनएसए अजीत डोभाल ने समन्वय किया और अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक स्तर पर संपर्क साधा।
- भारत ने स्पष्ट किया कि अब आतंक के खिलाफ ‘नो टॉलरेंस’ नीति अपनाई जाएगी।
6. प्रेस ब्रीफिंग:
- कर्नल सोफिया कुरैशी (सेना) और विंग कमांडर व्योमिका सिंह (वायुसेना) ने मीडिया को जानकारी दी।
- विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को सबूतों के साथ जानकारी दी।
7. पाकिस्तान की प्रतिक्रिया:
- पाकिस्तान ने भारत के चार्ज डि अफेयर्स को समन किया।
- नागरिकों के मारे जाने का दावा किया, लेकिन भारत की कार्रवाई को लेकर भ्रम की स्थिति में रहा।
8. प्रधानमंत्री की टिप्पणी:
“भारत की ओर से यह हमला होना ही था। अब आतंकियों की बची-खुची जमीन को भी मिट्टी में मिलाने का समय आ गया है।”
यह कार्रवाई स्पष्ट रूप से भारत की रणनीतिक इच्छाशक्ति, तकनीकी सटीकता, और राजनीतिक संकल्प को दर्शाती है। यह सर्जिकल स्ट्राइक और बालाकोट एयरस्ट्राइक से भी एक कदम आगे माना जा रहा है।
