Category: सरकारी नौकरी, शिक्षा समाचार
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UP Teacher Bharti 2025: एक समान नियमावली के बाद भी भर्ती विज्ञापन लटका, अभ्यर्थियों की बढ़ी बेचैनी
लखनऊ।
उत्तर प्रदेश के राजकीय व अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों में एलटी ग्रेड शिक्षक और प्रवक्ता (PGT) पदों की भर्ती को लेकर एक तरफ जहां नई एक समान नियमावली लागू कर दी गई है, वहीं दूसरी ओर नौकरी के इंतजार में बैठे लाखों अभ्यर्थियों को अब भी भर्ती विज्ञापन का इंतजार है।
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) को जहां पहले ही 8,905 पदों का अधियाचन मिल चुका है, वहीं उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) को अशासकीय स्कूलों के TGT-PGT पदों के लिए अधियाचन अभी तक नहीं मिल पाया है।
क्या है एक समान नियमावली और क्यों है अहम?
पहले तक राजकीय और अशासकीय विद्यालयों की शिक्षक भर्तियों में अर्हता और नियम अलग-अलग थे। इससे अभ्यर्थियों को भ्रम होता था और विवाद भी खड़े होते थे।
अब सरकार ने दोनों ही प्रकार के स्कूलों के लिए एक समान अर्हता और चयन प्रक्रिया निर्धारित कर दी है।
इससे अब पात्रता को लेकर विवाद नहीं होंगे और भर्ती प्रक्रियाएं तेज होंगी।
8905 पदों पर भर्ती के लिए अधियाचन तैयार, फिर भी नहीं आया विज्ञापन
माध्यमिक शिक्षा विभाग ने UPPSC को जिन 8,905 पदों का अधियाचन भेजा है, उनमें शामिल हैं:
- LT ग्रेड शिक्षक: 7,258 पद
- पुरुष वर्ग: 4,785 पद
- महिला वर्ग: 2,473 पद
- प्रवक्ता (PGT): 1,647 पद
- पुरुष वर्ग: 817 पद
- महिला वर्ग: 830 पद
फिर भी आयोग की तरफ से अब तक कोई आधिकारिक विज्ञापन जारी नहीं हुआ, जिससे अभ्यर्थी असमंजस में हैं और सोशल मीडिया पर भर्ती की तारीखों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
UPESSC को अभी भी अधियाचन का इंतजार
अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों में TGT और PGT पदों की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के पास है।
माध्यमिक शिक्षा विभाग ने अब तक यहां अधियाचन नहीं भेजा, जिसके कारण इन पदों की भर्ती प्रक्रिया अटकी हुई है।
क्या कहता है विभाग?
शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि नियमावली को लेकर तकनीकी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अब आयोगों को भर्ती शुरू करनी है।
“हमारी ओर से अधियाचन भेज दिया गया है। विज्ञापन जारी करने की जिम्मेदारी आयोग की है।” — वरिष्ठ अधिकारी, माध्यमिक शिक्षा विभाग
अभ्यर्थियों की मांग: जल्द जारी हो विज्ञापन
लाखों युवा जो पिछले कई वर्षों से शिक्षक भर्ती की प्रतीक्षा कर रहे हैं, अब भर्ती विज्ञापन जल्द जारी करने की मांग कर रहे हैं।
वे मानते हैं कि एक समान नियमावली लागू होने के बाद अब देरी का कोई कारण नहीं बचा है।
निष्कर्ष: अब निर्णायक कदम उठाने की जरूरत
उत्तर प्रदेश में माध्यमिक शिक्षकों की भारी कमी है और लंबे समय से रुकी भर्तियां शिक्षा व्यवस्था को भी प्रभावित कर रही हैं।
अब जबकि नियमावली का विवाद समाप्त हो चुका है और अधियाचन भी आयोगों तक पहुंच रहे हैं, भर्ती विज्ञापन में देरी सवाल खड़े कर रही है।
क्या आप भी इस भर्ती का इंतजार कर रहे हैं?
नीचे कमेंट में जरूर बताएं कि आपको किस विषय में भर्ती चाहिए और कब से इसकी तैयारी कर रहे हैं।
