कस्तूरबा विद्यालय और सीएचसी में खाद्य सुरक्षा विभाग का छापा, कई सैंपल जांच के लिए लिए गए
📍 नानपारा / बलहा / नवाबगंज
बहराइच।
बुधवार को कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय और सीएचसी/पीएचसी केंद्रों पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने छापा मारा। यह कार्रवाई जिलाधिकारी के निर्देश पर की गई, जिसमें छात्राओं और गर्भवती महिलाओं को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता की जांच की गई। 🥣🥛🍚
तीन ब्लॉकों में मारा गया छापा
एसडीएम लालधर यादव और खाद्य सुरक्षा अधिकारी की टीम ने नानपारा, बलहा और नवाबगंज के विद्यालयों व स्वास्थ्य केंद्रों पर कार्रवाई की।
टीम ने कुल 10 से अधिक सैंपल लिए, जिनमें पका भोजन और कच्चे खाद्यान्न शामिल हैं। 🧪🧂
क्या मिला निरीक्षण में?
- कस्तूरबा गांधी विद्यालय, नानपारा:
छात्राओं को दिए जा रहे भोजन की गुणवत्ता जांची गई।
6 सैंपल लिए गए – 2 पके भोजन के और 4 खाद्यान्न के।
🍛🍞 - गुलाल पुरवा, बलहा:
बच्चों को नाश्ते में दलिया और दूध, तथा खाने में दाल, चावल, रोटी, आलू-परवल की सब्जी दी गई।
यहां से 3 सैंपल लिए गए – 1 पके भोजन का और 2 कच्चे खाद्यान्न के।
🥣🥔🥬 - बाबागंज, नवाबगंज:
तैयार भोजन और कच्चे अनाज के 3 सैंपल लिए गए।
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स्वास्थ्य केंद्रों की स्थिति चिंताजनक
बाबागंज पीएचसी और चर्दा सीएचसी में मौजूद डॉक्टरों ने बताया कि जनवरी से खाद्य आपूर्ति बंद है, इसलिए वहां भोजन तैयार ही नहीं हो रहा। यह हालात गर्भवती महिलाओं के पोषण पर गंभीर प्रभाव डाल सकते हैं। 🚫🥗
क्या बोले अधिकारी?
एसडीएम लालधर यादव ने बताया:
“डीएम के आदेश पर खाद्य सुरक्षा टीम ने सैंपल लिए हैं। रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।”
निष्कर्ष:
शासन द्वारा चलाई जा रही पोषण योजनाओं की वास्तविक स्थिति को उजागर करने वाली यह कार्रवाई यह दर्शाती है कि अभी भी जमीनी स्तर पर निगरानी की आवश्यकता है। बच्चों और गर्भवती महिलाओं के पोषण के साथ समझौता किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं है। 🔍⚖️
