☀️ भीषण गर्मी में समर कैंप? शिक्षकों ने जताया विरोध, सुविधाओं के अभाव में आदेश को बताया अव्यवहारिक
✍ लेखक: शुभम पटेल | स्रोत: SarkariKalam.com
📌 मुख्य बातें एक नजर में:
- 🗓️ 21 मई से 10 जून तक राजकीय इंटर कॉलेजों में समर कैंप का आदेश
- 🧑🏫 शिक्षकों ने जताया तीखा विरोध, बताया अनुचित निर्णय
- 🚰 बुंदेलखंड समेत कई जिलों में पेयजल तक की किल्लत
- 📝 राजकीय शिक्षक संघ ने महानिदेशक को भेजा आपत्ति पत्र
- 🔍 निरीक्षण के लिए मंडलवार टीमें भी गठित
🔥 गर्मी की छुट्टियों में कैंप का फरमान
बेसिक शिक्षा विभाग के बाद अब माध्यमिक शिक्षा विभाग ने भी अपने राजकीय इंटर कॉलेजों में 21 मई से 10 जून तक समर कैंप आयोजित करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। इस कैंप के दौरान विभिन्न शैक्षिक व रचनात्मक गतिविधियां कराई जाएंगी।
📢 लेकिन जैसे ही यह आदेश जारी हुआ, शिक्षकों में नाराजगी की लहर दौड़ गई।
🧑🏫 शिक्षक बोले – आदेश ज़मीनी हकीकत से दूर
राजकीय शिक्षक संघ के प्रांतीय अध्यक्ष रामेश्वर पांडेय और महामंत्री छाया शुक्ला ने इस निर्णय को “एसी कमरों में लिया गया अव्यावहारिक फैसला” बताया।
🚱 उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड और कई ग्रामीण इलाकों में तो पीने के पानी तक की व्यवस्था नहीं है, ऐसे में बच्चों और शिक्षकों को इतनी भीषण गर्मी में स्कूल बुलाना अनुचित है।
🛠️ निरीक्षण के लिए बनी मंडलवार टीमें
📋 अपर राज्य परियोजना निदेशक विष्णुकांत पांडेय ने मंडलवार टीमों को आदेश जारी किया है कि वे 12 जून तक कम से कम 10 स्कूलों का शैक्षिक पर्यवेक्षण कर राज्य परियोजना कार्यालय को रिपोर्ट सौंपें।
इसमें शामिल होंगे:
- 6 इंटर कॉलेज
- 4 हाईस्कूल
- 1 पीएमश्री स्कूल
📌 टीमों को कैंप की गुणवत्ता, तैयारी और जरूरतों का आकलन करना होगा।
⛔ छुट्टियों में ड्यूटी = अधिकारों का हनन?
🏖️ शिक्षकों का तर्क है कि गर्मी की छुट्टियां (20 मई – 30 जून) विश्राम और पुनर्नवीनता के लिए होती हैं। यदि इस दौरान कोई शैक्षणिक कार्य कराया जा रहा है, तो राज्य कर्मचारियों की भांति ईएल (Earned Leave) दी जाए।
📮 इसी मांग को लेकर राजकीय शिक्षक संघ ने स्कूल शिक्षा महानिदेशक कंचन वर्मा को पत्र भेजा है, जिसमें कहा गया है कि “छात्र और शिक्षक छुट्टी के बाद बीमार हो रहे हैं। ये आदेश रद्द किया जाए।”
📣 क्या कहते हैं शिक्षक?
🗣️ “गर्मी में कैंप का आयोजन न छात्रों के हित में है, न शिक्षकों के। कोई भी व्यवस्था नहीं, और बच्चों को लाने की जबरदस्ती हो रही है।”
– एक राजकीय विद्यालय के प्रवक्ता
📢 “बिना बिजली, पानी और फर्स्ट ऐड जैसी मूलभूत सुविधाओं के ये आदेश सिर्फ कागज पर अच्छे लगते हैं।”
– पूर्व माध्यमिक विद्यालय की शिक्षिका
🧠 सवाल उठते हैं:
❓ क्या बिना ज़रूरी इंफ्रास्ट्रक्चर के समर कैंप सुरक्षित और लाभदायक हो सकता है?
❓ क्या शिक्षकों की छुट्टियों का सम्मान नहीं होना चाहिए?
❓ क्या यह आदेश केवल ‘शो पीस’ साबित होगा या शिक्षा को वाकई लाभ मिलेगा?
💬 आपकी राय ज़रूरी है!
👇 नीचे कमेंट करें:
🔥 “क्या आप इस फैसले से सहमत हैं?”
📣 “क्या समर कैंप गर्मी में छात्र-शिक्षक के लिए सही है?”
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