यूपी फार्मेसी काउंसिल की लापरवाही से बेरोजगार फार्मासिस्ट परेशान! ⚠️💊
✅ पंजीकरण और नवीनीकरण में छह माह से अधिक की देरी
✅ बेरोजगार फार्मासिस्ट न मेडिकल स्टोर खोल पा रहे, न सरकारी भर्तियों में आवेदन कर रहे
✅ फार्मेसी काउंसिल के गठन में देरी, संचालन समिति भी अधूरी
बेरोजगार फार्मासिस्टों के भविष्य से खिलवाड़!
उत्तर प्रदेश फार्मेसी काउंसिल की लापरवाही से हजारों प्रशिक्षित फार्मासिस्टों का भविष्य अधर में लटक गया है। राजधानी लखनऊ के लेखराज भवन स्थित फार्मेसी काउंसिल के कार्यालय में डिप्लोमा और डिग्रीधारी फार्मासिस्टों का पंजीकरण किया जाता है। लेकिन, आवेदन के 5-6 महीने बाद भी पंजीकरण या नवीनीकरण नहीं हो रहा है।
👉 बिना पंजीकरण के फार्मासिस्ट न तो मेडिकल स्टोर खोल सकते हैं और न ही सरकारी या निजी संस्थानों की भर्तियों में आवेदन कर सकते।
परेशान फार्मासिस्टों ने कई बार शिकायत की, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला।
पांच हजार से ज्यादा पंजीकरण रुके, फार्मासिस्टों की भर्तियों पर असर
⚠️ फार्मेसी काउंसिल में पंजीकरण और नवीनीकरण के हजारों मामले लंबित पड़े हैं।
⚠️ बिना पंजीकरण के सरकारी अस्पतालों में फार्मासिस्टों की भर्ती में हिस्सा लेना भी संभव नहीं।
⚠️ फार्मासिस्टों की वरिष्ठता भी पंजीकरण के आधार पर तय होती है, जिससे उनके करियर पर असर पड़ रहा है।
💬 एक बेरोजगार फार्मासिस्ट ने बताया:
“मैंने छह महीने पहले आवेदन किया था, फीस भी जमा कर दी, लेकिन अब तक कोई अपडेट नहीं है। सरकारी भर्तियों की आखिरी तारीख भी निकलने वाली है। आखिर हम जाएं तो जाएं कहां?”
फार्मेसी काउंसिल का गठन अधर में, संचालन समिति भी नहीं बनी
यूपी फार्मेसी काउंसिल के पांच सदस्यों के चयन की प्रक्रिया भी अब तक पूरी नहीं हुई है।
पूर्व कुलसचिव शिवाजी गुप्ता ने 27 फरवरी को स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. रतन पाल सिंह सुमन से इस बारे में लिखित शिकायत भी की थी। लेकिन, अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
🚨 निदेशक पैरामेडिकल डॉ. रंजना खरे से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. रतन पाल सिंह सुमन ने कहा:
“काम का दबाव अधिक है, इसलिए देरी हो रही है। जल्द ही समाधान निकालने के निर्देश दिए गए हैं।”
फार्मासिस्टों की मांग: जल्द हो पंजीकरण प्रक्रिया पूरी
📌 फार्मासिस्टों की मांग है कि:
✅ पंजीकरण और नवीनीकरण की प्रक्रिया को जल्द पूरा किया जाए।
✅ फार्मेसी काउंसिल का गठन कर संचालन समिति का चयन हो।
✅ डिजिटल प्रक्रिया अपनाकर पंजीकरण की गति तेज की जाए।
✅ सरकारी और निजी भर्तियों में आवेदन का अवसर मिले।
💥 क्या आप भी इस समस्या का सामना कर रहे हैं? कमेंट में अपनी राय बताएं और इस खबर को शेयर करें ताकि ज्यादा से ज्यादा फार्मासिस्टों को न्याय मिल सके! 💊⚖️
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