परिषदीय शिक्षकों में बढ़ता असंतोष: ओपन ट्रांसफर और समायोजन की मांग तेज
उत्तर प्रदेश के परिषदीय शिक्षकों में ओपन ट्रांसफर और समायोजन को लेकर असंतोष गहराता जा रहा है। पिछले आठ साल से जिले के अंदर ओपन ट्रांसफर न होने के कारण हजारों शिक्षक सुदूर ब्लॉकों में फंसे हुए हैं।
वहीं, अंतर जनपदीय स्थानांतरण के चलते दूसरे जिलों से आए शिक्षकों को जिला मुख्यालय के नजदीकी विद्यालय मिल रहे हैं, जिससे पहले से कार्यरत शिक्षकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
शिक्षकों की प्रमुख समस्याएं:
✅ ओपन ट्रांसफर की अनुपलब्धता:
- 2017 के बाद से जिले के अंदर ओपन ट्रांसफर नहीं हुआ।
- शिक्षक सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में 10-15 साल से कार्यरत हैं और तबादले की कोई व्यवस्था नहीं है।
✅ पारस्परिक तबादले के नियमों में भेदभाव:
- अंतर जनपदीय पारस्परिक तबादले के नियम लचीले हैं, लेकिन जिले के अंदर कड़े नियम लागू हैं।
- प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक और उच्च प्राथमिक विद्यालय के सहायक अध्यापक आपस में तबादला नहीं कर सकते।
- दूसरी ओर, अंतर जनपदीय तबादले में ऐसी कोई पाबंदी नहीं है।
✅ दूसरे जिलों से आए शिक्षकों को प्राथमिकता:
- चार बार हुए अंतर जनपदीय स्थानांतरण के चलते दूसरे जिलों से आए शिक्षकों को जिला मुख्यालय के पास स्कूल आवंटित किए गए हैं।
- स्थानीय शिक्षक वर्षों से दूरस्थ क्षेत्रों में कार्यरत हैं, लेकिन उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया जा रहा।
शिक्षकों ने प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा को पत्र लिखा
6 मार्च और 12 मार्च को हुए पारस्परिक स्थानांतरण के बाद शिक्षकों ने प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा को पत्र लिखकर ओपन ट्रांसफर और समायोजन लागू करने की मांग की।
शिक्षकों की मांगें:
✅ जिले के अंदर ओपन ट्रांसफर तत्काल प्रभाव से शुरू हो।
✅ सुदूर ब्लॉकों में कार्यरत शिक्षकों को प्राथमिकता दी जाए।
✅ पारस्परिक तबादले के नियमों को समान किया जाए।
शिक्षक जंग बहादुर, अरविंद, रवि आनंद, लालमति आदि का कहना है कि जो शिक्षक ग्रामीण ब्लॉक में पांच साल से अधिक समय से कार्यरत हैं, उन्हें पारस्परिक तबादले के लिए जोड़ा नहीं मिलता। इससे शिक्षक 10 से 15 साल से एक ही दूरस्थ क्षेत्र में कार्य करने को मजबूर हैं।
तबादले की प्रक्रिया:
- अंतर जनपदीय पारस्परिक स्थानांतरण के लिए
📅 1 से 11 अप्रैल 2025 तक ऑनलाइन पंजीकरण होंगे। - जिले के अंदर पारस्परिक तबादले के लिए
📅 2 से 11 अप्रैल 2025 तक ऑनलाइन आवेदन प्रस्तावित हैं।
क्या सरकार सुनेगी शिक्षकों की आवाज?
शिक्षकों का कहना है कि यदि सरकार जल्द ही ओपन ट्रांसफर और समायोजन पर निर्णय नहीं लेती, तो आंदोलन किया जाएगा।
📌 क्या आपकी भी तबादले को लेकर कोई समस्या है? अपनी राय कमेंट में साझा करें!
