पैन कार्ड की तरह वोटर कार्ड से जुड़ेगा आधार कार्ड

मतदाता सूची में हेरफेर के आरोपों के बीच CEC की बड़ी बैठक 18 मार्च को

📢 मतदाता पहचान पत्र को आधार से जोड़ने पर चर्चा

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने मतदाता सूची में कथित हेरफेर और डुप्लीकेट मतदाता पहचान पत्र के मामलों को लेकर 18 मार्च को एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। इस बैठक में गृह सचिव, विधायी सचिव और यूआईडीएआई (UIDAI) के सीईओ भी शामिल होंगे।

डुप्लीकेट मतदाता पहचान पत्र पर उठे सवाल

विपक्षी पार्टियों, विशेष रूप से तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने आरोप लगाया है कि चुनाव आयोग भाजपा की मदद के लिए मतदाता सूची में गड़बड़ी कर रहा है। हाल ही में राहुल गांधी ने भी लोकसभा में इस मुद्दे को उठाया था।

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चुनाव आयोग ने डुप्लीकेट मतदाता पहचान पत्र को “विरासत का मामला” बताया है और आश्वासन दिया है कि अगले तीन महीनों में इस समस्या का समाधान किया जाएगा

🗳 आधार-मतदाता पहचान पत्र लिंकिंग: अनिवार्य नहीं

कानून के अनुसार, मतदाता पहचान पत्र को आधार से जोड़ना स्वैच्छिक है। सरकार ने संसद में स्पष्ट किया था कि इस प्रक्रिया के लिए कोई समयसीमा तय नहीं की गई है और जो लोग अपने आधार को मतदाता सूची से नहीं जोड़ेंगे, उनके नाम मतदाता सूची से नहीं काटे जाएंगे

🔍 बैठक के प्रमुख बिंदु:

✔ मतदाता सूची में डुप्लीकेट मतदाता पहचान पत्र की समस्या का समाधान
✔ मतदाता सूची में किसी भी प्रकार की हेरफेर रोकने के उपाय
✔ आधार-मतदाता कार्ड लिंकिंग पर समीक्षा

चुनाव आयोग की यह बैठक आगामी लोकसभा चुनाव 2024 के मद्देनजर बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।


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📢 क्या आपको लगता है कि आधार-मतदाता पहचान पत्र लिंकिंग अनिवार्य होनी चाहिए? अपनी राय कमेंट में दें!

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