विशेष जरूरत वाले बच्चों के लिए शिक्षकों की नियुक्ति का सुप्रीम कोर्ट का आदेश
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने विशेष जरूरत वाले बच्चों (CWSN) को शिक्षित करने वाले विशेष शिक्षकों के लिए राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को तत्काल कदम उठाने का आदेश दिया है। शीर्ष अदालत ने कहा कि विशेष शिक्षकों को अधिसूचित पद के अनुसार वेतन-भत्ता दिया जाए और नए पदों का सृजन कर नियमित नियुक्तियां की जाएं।
राज्यों को 21 दिन में अधिसूचना जारी करने का निर्देश
न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया और न्यायमूर्ति के. विनोद चंद्रन की पीठ ने आदेश में कहा कि –
✔️ सभी राज्य और केंद्रशासित प्रदेश तीन हफ्ते (21 दिन) के भीतर विशेष जरूरत वाले बच्चों के आधार पर शिक्षकों के पद सृजित कर अधिसूचना जारी करें।
✔️ 28 मार्च, 2025 तक नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी किया जाए।
शिक्षक-छात्र अनुपात के अनुसार पदों का सृजन
✔️ प्राथमिक विद्यालयों के लिए 1:10 के अनुपात में विशेष शिक्षकों की नियुक्ति हो।
✔️ माध्यमिक विद्यालयों में 1:15 के अनुपात में विशेष शिक्षकों की तैनाती सुनिश्चित की जाए।
संविदा शिक्षकों को मिलेगा अधिसूचित वेतन और भत्ता
कोर्ट ने राज्यों को निर्देश दिया कि वर्षों से संविदा या दैनिक वेतन पर कार्य कर रहे विशेष शिक्षकों को अधिसूचित वेतन-भत्ते के साथ रखा जाए।
क्या होगा असर?
✅ विशेष जरूरत वाले बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी।
✅ संविदा पर कार्यरत शिक्षकों को नियमित वेतन और भत्ता मिलेगा।
✅ राज्य सरकारों को जल्द से जल्द विशेष शिक्षकों की नियुक्ति करनी होगी।
निष्कर्ष
सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला विशेष जरूरत वाले बच्चों की शिक्षा को मजबूत करने और शिक्षकों को उनका उचित अधिकार दिलाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। अब यह राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की जिम्मेदारी है कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर अधिसूचना जारी करें और शिक्षकों की नियुक्ति करें।
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