गोरखपुर में एमनेस्टी योजना का लक्ष्य पूरा न करने पर 68 अधिकारियों को निलंबन की चेतावनी

गोरखपुर में एमनेस्टी योजना का लक्ष्य पूरा न करने पर 68 अधिकारियों को निलंबन की चेतावनी

गोरखपुर। राज्य कर विभाग में एमनेस्टी योजना के तहत तय लक्ष्य को पूरा न करने पर गोरखपुर के 68 अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इनमें से कई अधिकारियों के निलंबन की संभावना जताई जा रही है। विभाग में कुल 76 अधिकारी तैनात हैं, जिनमें से सिर्फ 8 अधिकारी ही लक्ष्य पूरा कर पाए हैं।

इतनी बड़ी संख्या में अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस और निलंबन की चेतावनी जारी करने का यह पहला मामला बताया जा रहा है। राज्य कर विभाग के प्रमुख सचिव एम. देवराज ने सभी जोनल एडिशनल कमिश्नरों को निर्देश दिया था कि वे अपने अधीनस्थ अधिकारियों से रोजाना कम से कम 5 व्यापारियों को एमनेस्टी योजना में शामिल कराएं।


क्या है एमनेस्टी योजना?

राज्य कर विभाग द्वारा चलाई जा रही एमनेस्टी योजना 31 मार्च तक प्रभावी है। इस योजना के तहत, वर्ष 2018-19, 2019-20 और 2020-21 के बकाया टैक्स पर व्यापारियों को बड़ी राहत दी जा रही है।

टैक्स जमा करने पर ब्याज और जुर्माना पूरी तरह माफ
व्यापारियों को आसान भुगतान विकल्प उपलब्ध

यह योजना व्यापारियों के लिए फायदेमंद है, लेकिन अधिकारियों द्वारा इसके प्रति उदासीनता दिखाने के कारण योजना का लाभ अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंच पा रहा है।

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लक्ष्य पूरा न करने पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश

गोरखपुर जोन के अपर आयुक्त ग्रेड वन राजेश सिंह ने संयुक्त आयुक्त, उपायुक्त और सहायक आयुक्त सहित राज्य कर अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है।

  • समीक्षा के दौरान पता चला कि सिर्फ 8 अधिकारियों ने रोजाना 5 केस दाखिल कराए।
  • 34 अधिकारियों ने एक भी केस दाखिल नहीं किया।
  • 34 अधिकारियों ने 5 से कम केस दाखिल किए।

इस लापरवाही को देखते हुए राज्य कर विभाग के प्रमुख सचिव ने निलंबन की कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।


काम में लापरवाही पर जवाबदेही तय

अपर आयुक्त ग्रेड वन द्वारा जारी नोटिस में कहा गया है कि कई अधिकारी एमनेस्टी योजना को लेकर गंभीर नहीं हैं।

रोजाना 5 केस दाखिल न कराने वाले अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
स्पष्टीकरण सोमवार तक राज्य मुख्यालय भेजा जाएगा।
अगर संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो निलंबन की कार्रवाई होगी।


पूरे प्रदेश में बढ़ी सख्ती

सूत्रों के मुताबिक, यूपी में राज्य कर विभाग के कुल 1200 अधिकारियों में से 1000 अधिकारी निलंबन की कार्रवाई के घेरे में हैं।

अन्य जोन से भी ऐसे अधिकारियों की लिस्ट मांगी गई है।
सभी जोनों से रिपोर्ट तैयार कर राज्य कर मुख्यालय भेजी जा रही है।


निष्कर्ष

गोरखपुर में राज्य कर विभाग की लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई हो सकती है। एमनेस्टी योजना को सफल बनाने के लिए सरकार की सख्ती बढ़ गई है। अधिकारियों को अब या तो तय लक्ष्य पूरा करना होगा, या फिर निलंबन का सामना करना पड़ेगा।


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