शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के लिए खुशखबरी: मानदेय में होगी दोगुनी से अधिक बढ़ोतरी!
उत्तर प्रदेश सरकार जल्द ही शिक्षामित्रों एवं अनुदेशकों के मानदेय में बड़ी बढ़ोतरी करने जा रही है। सरकार ने आउटसोर्स एवं संविदा कर्मियों के वेतन में वृद्धि के बाद अब शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को भी सम्मानजनक वेतन देने की योजना बनाई है।
क्या होगा नया मानदेय?
सरकार के प्रस्ताव के अनुसार:
✅ शिक्षामित्रों का मानदेय – ₹25,000 प्रति माह
✅ अनुदेशकों का मानदेय – ₹22,000 प्रति माह
इस प्रस्ताव पर उच्च स्तर पर सहमति बन चुकी है और जल्द ही इसे कैबिनेट में मंजूरी के लिए पेश किया जाएगा।
तीन वर्षों पर वेतन वृद्धि का लाभ
सरकार ने यह भी फैसला लिया है कि शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को हर तीन साल पर वेतन वृद्धि का लाभ दिया जाएगा, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति और मजबूत होगी।
वर्तमान में कितना मानदेय मिल रहा है?
🔹 शिक्षामित्र: ₹10,000 प्रति माह
🔹 अनुदेशक: ₹9,000 प्रति माह
प्रदेश में शिक्षामित्रों और अनुदेशकों की संख्या
📌 शिक्षामित्रों की संख्या: 1,43,450
📌 अनुदेशकों की संख्या: 25,223
अन्य राज्यों में शिक्षामित्रों को कितना मानदेय मिलता है?
राज्यमानदेय / वेतनचंडीगढ़ ₹34,000 प्रति माह राजस्थान ₹51,600 प्रति माह झारखंड ₹20,000 – ₹28,000 प्रति माह (समायोजित) उत्तराखंड टेट पास सहायक अध्यापक बनाए गए, शेष को ₹20,000 प्रति माह बिहार 20 वर्ष की नौकरी पूरी करने पर ₹26,000 प्रति माह
कैबिनेट की मंजूरी के बाद मिलेगा लाभ
सरकार देश के अन्य राज्यों में दी जा रही सुविधाओं का अध्ययन कर चुकी है और उसी के आधार पर शिक्षामित्रों एवं अनुदेशकों को अतिरिक्त सुविधाएं देने पर विचार किया जा रहा है। कैबिनेट की अंतिम मंजूरी मिलते ही यह योजना लागू कर दी जाएगी।
निष्कर्ष
यह प्रस्ताव शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के लिए बड़ी राहत साबित होगा, क्योंकि उनकी वेतन वृद्धि दोगुने से अधिक होने जा रही है। इसके अलावा, हर तीन साल पर वेतन वृद्धि से उनकी आर्थिक स्थिरता और सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।
क्या यह कदम शिक्षामित्रों के भविष्य को सुरक्षित करेगा? अपनी राय कमेंट में बताएं!
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