🚨 लखनऊ: 270 शिक्षामित्रों की सेवाएं होंगी समाप्त, 50 हजार बच्चों की पढ़ाई पर असर 📢
लखनऊ। राजधानी समेत पूरे मंडल में 50 हजार बच्चों की पढ़ाई प्रभावित कर रहे 270 शिक्षामित्रों की सेवाएं समाप्त करने का आदेश जारी किया गया है। शिक्षा महानिदेशक कंचन वर्मा ने जांच रिपोर्ट के आधार पर यह सख्त निर्णय लिया है।
📜 आदेश जारी, शिक्षा अधिकारियों को मिली कॉपी
शिक्षा महानिदेशक की ओर से जारी आदेश की कॉपी संबंधित बेसिक शिक्षा अधिकारियों को भेज दी गई है। दरअसल, जांच में पाया गया कि ये शिक्षामित्र अवैतनिक अवकाश पर होने के बावजूद पढ़ाई करने के बजाय अन्य कार्यों में संलिप्त थे।
📅 कैसे हुआ खुलासा?
- 15 जनवरी को अमर उजाला में प्रकाशित रिपोर्ट के बाद इस मामले का खुलासा हुआ।
- शिक्षा महानिदेशक ने तत्काल मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक) को जांच के निर्देश दिए।
- जांच में पाया गया कि शिक्षामित्र नौकरी के साथ अन्य कार्य कर रहे थे।
📌 इन जिलों के शिक्षामित्रों की सेवा समाप्त
शिक्षा महानिदेशक ने लखनऊ, सीतापुर, उन्नाव, हरदोई, लखीमपुर खीरी व रायबरेली में तैनात शिक्षामित्रों की संविदा समाप्त करने का निर्देश दिया है।
🔍 खंड शिक्षा अधिकारियों की भूमिका संदेह के घेरे में
इस जांच में खंड शिक्षा अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है। चौंकाने वाली बात यह है कि शिक्षामित्रों को अवैतनिक अवकाश का कोई प्रावधान ही नहीं है। इसके बावजूद उनके अवकाश को मंजूरी दी गई, जिसकी भी जांच के आदेश दिए गए हैं।
⚖ 15 दिन में होगी कार्रवाई
आदेश में साफ कहा गया है कि:
“अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित शिक्षामित्रों को तत्काल चिह्नित कर उन्हें नोटिस जारी किया जाए। यदि शिकायत की पुष्टि होती है, तो 15 दिनों के भीतर उनकी संविदा समाप्त करने की कार्यवाही प्राथमिकता पर की जाए।”
📢 निष्कर्ष
शिक्षा विभाग का यह कदम शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है। इस फैसले से शिक्षण व्यवस्था में सुधार होगा और छात्रों को बेहतर शिक्षा मिल सकेगी।
