“विधानमंडल का बजट सत्र 18 फरवरी से,आउटसोर्स कर्मियों के मानदेय में सुधार की मांग






विधानमंडल का बजट सत्र 2025: कर्मचारियों की मांगें और सुझाव 📊

📅 विधानमंडल का बजट सत्र 18 फरवरी से शुरू हो रहा है और 20 फरवरी को वर्ष 2025-26 का बजट पेश किया जाएगा। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने वित्त मंत्री को कर्मचारियों की मांगों को बजट में शामिल करने के लिए कई सुझाव भेजे हैं।

आउटसोर्स कर्मियों के मानदेय में सुधार की मांग 💼

परिषद के अध्यक्ष जेएन तिवारी ने बताया कि प्रदेश में कार्यरत 5 लाख से अधिक आउटसोर्स कर्मियों का शोषण हो रहा है। उन्होंने आउटसोर्स कर्मियों के न्यूनतम मानदेय का निर्धारण करने और बजट सत्र में इस पर निर्णय लेने की मांग की है।

WhatsApp Channel Join Now
WhatsApp Group Join Now
Telegram Channel Join Now

इसके अलावा, आउटसोर्ससंविदा कर्मियों के लिए नियमावली बनाकर उन्हें नियमित करने का भी सुझाव दिया गया है।

पुरानी पेंशन और अन्य वित्तीय मांगें 💰

संयुक्त परिषद ने पुरानी पेंशन के लिए विकल्प खोलने, यूपीएस के अंतर्गत अंशदान की वसूली बंद करने, जीपीएफ की व्यवस्था लागू करने, वेतन आयोग के गठन और पेंशन का पुनरीक्षण किए जाने की मांग की है।

साथ ही, महंगाई राहत का लाभ दिए जाने और नगर प्रतिकर भत्ता बहाल करने की भी मांग की गई है।

नगरीय परिवहन और रोजगार के सुझाव 🚌

परिषद ने नगरीय परिवहन के बेड़े में 2000 नई बसें शामिल करने और बेरोजगार हो चुके संविदा चालक-परिचालकों को रोजगार दिए जाने का प्रस्ताव दिया है।

इसके अलावा, परिवहन भत्ता दिए जाने समेत कर्मचारियों की कई मांगों को बजट में शामिल करने का सुझाव दिया गया है।

सुझावों का उद्देश्य और निष्कर्ष 🎯

राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के इन सुझावों का उद्देश्य कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा करना और उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार करना है।

अब यह देखना दिलचस्प होगा कि वित्त मंत्री इन मांगों और सुझावों पर क्या रुख अपनाते हैं और बजट 2025-26 में कर्मचारियों के हित में क्या निर्णय लिए जाते हैं।

📢 आपकी राय: क्या पुरानी पेंशन बहाली और आउटसोर्स कर्मियों के मानदेय में सुधार को बजट में शामिल किया जाना चाहिए? अपनी राय नीचे कमेंट में दें!

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top