स्वयं पोर्टल पर विद्यार्थियों की रुचि कम, जानिए कारण








स्वयं पोर्टल पर विद्यार्थियों की रुचि कम, जानिए कारण

📚 स्वयं पोर्टल पर विद्यार्थियों की रुचि कम, जानिए कारण

तकनीक के बढ़ते प्रभाव के बावजूद विद्यार्थियों की ऑनलाइन कोर्स में रुचि नहीं बढ़ रही है। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) द्वारा स्वयं (Study Webs of Active-Learning for Young Aspiring Minds) पोर्टल के माध्यम से निशुल्क ऑनलाइन कोर्स की सुविधा दी जा रही है, लेकिन इसके बावजूद भी विद्यार्थी इसमें दाखिला नहीं ले रहे हैं।

WhatsApp Channel Join Now
WhatsApp Group Join Now
Telegram Channel Join Now

🎓 स्वयं पोर्टल: नौ साल बाद भी लोकप्रिय नहीं

AICTE ने 2016 में स्वयं पोर्टल की शुरुआत की थी, ताकि विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्ता वाले ऑनलाइन पाठ्यक्रम निशुल्क उपलब्ध कराए जा सकें। हालांकि, अब तक यह पोर्टल विद्यार्थियों को आकर्षित करने में असफल साबित हुआ है।

📍 लखनऊ विश्वविद्यालय में स्वयं पोर्टल पर एक भी पंजीकरण नहीं

राजधानी लखनऊ में सबसे अधिक छात्र संख्या वाले लखनऊ विश्वविद्यालय में अभी तक एक भी विद्यार्थी ने स्वयं पोर्टल पर पंजीकरण नहीं कराया है। शासन की ओर से लगातार जागरूकता अभियान चलाए जाने के बावजूद भी यह पहल ज्यादा असरदार साबित नहीं हो पाई है।

🔍 स्वयं पोर्टल से अनिवार्य 40% क्रेडिट

ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय ने अपने विद्यार्थियों के लिए 40% क्रेडिट स्वयं पोर्टल से अनिवार्य किए हैं। हालांकि, अभी इसके विस्तृत नियम जारी किए जाने बाकी हैं।

📉 स्वयं पोर्टल पर विद्यार्थियों की रुचि कम क्यों?

  • 📑 परीक्षा में पास होने के नियम अलग-अलग: विश्वविद्यालय में न्यूनतम 33% अंक लाने होते हैं, जबकि स्वयं पोर्टल पर 40% अंक आवश्यक हैं।
  • 💰 परीक्षा के लिए शुल्क: अधिकतर कोर्स निशुल्क हैं, लेकिन परीक्षा देने के लिए ₹1000 का शुल्क लिया जा रहा है, जिससे विद्यार्थी इससे दूरी बना रहे हैं।
  • 📚 पाठ्यक्रम की गुणवत्ता पर संशय: विद्यार्थियों को कोर्स की क्वालिटी को लेकर शंका है, जिससे वे स्वयं पोर्टल को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।
  • 📢 जागरूकता की कमी: स्वयं पोर्टल को लेकर पर्याप्त प्रचार-प्रसार नहीं किया गया है, जिससे विद्यार्थियों को इसकी जानकारी नहीं है।

🚫 विद्यार्थियों पर दबाव नहीं डाला जा सकता

स्वयं पोर्टल पर मौजूद कोर्स के लिए किसी भी विद्यार्थी पर दबाव नहीं डाला जा सकता है। जब विद्यार्थी इन पाठ्यक्रमों के महत्व को समझेंगे, तब वे इसमें दाखिला लेंगे।

📢 निष्कर्ष

तकनीक के युग में ऑनलाइन शिक्षा एक क्रांतिकारी बदलाव ला सकती है, लेकिन इसके लिए विद्यार्थियों को सही जानकारी और प्रेरणा देने की आवश्यकता है। स्वयं पोर्टल एक बेहतरीन पहल है, लेकिन शुल्क, पाठ्यक्रम की गुणवत्ता और अनिवार्य क्रेडिट जैसी चुनौतियों के कारण विद्यार्थियों की इसमें रुचि कम हो रही है।


Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top