महाकुंभ 2025: सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर कड़ा एक्शन, 14 पर एफआईआर
महाकुंभ को लेकर सोशल मीडिया पर भ्रामक खबरें फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है। 14 सोशल मीडिया अकाउंट धारकों पर एफआईआर दर्ज की गई है। इनमें से एक ने झारखंड में हुए लाठीचार्ज के वीडियो को महाकुंभ से जोड़कर पोस्ट किया, जबकि अन्य ने भी गलत सूचनाएं फैलाईं। पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है।
🔎 सोशल मीडिया पर गलत सूचना फैलाने का खुलासा
सोशल मीडिया मॉनिटरिंग के दौरान यह सामने आया कि एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक यूजर ने धनबाद, झारखंड में हुई एक घटना का वीडियो शेयर कर उसे महाकुंभ से जोड़ा। पोस्ट में दावा किया गया कि महाकुंभ में गुमशुदा परिजनों की तलाश कर रहे श्रद्धालुओं को पुलिस पीट रही है। जांच में पाया गया कि यह वीडियो 1 जनवरी 2025 को धनबाद में हुई एक घटना से संबंधित है।
🚨 भ्रामक खबरें फैलाने पर एफआईआर दर्ज
महाकुंभ मेला पुलिस ने इस दावे को झूठा करार दिया और अफवाह फैलाने के आरोप में 14 लोगों पर मामला दर्ज किया। इसके अलावा 13 अन्य सोशल मीडिया अकाउंट की भी पहचान की गई, जो सरकार और पुलिस की छवि खराब करने का प्रयास कर रहे थे।
📜 इन सोशल मीडिया अकाउंट धारकों पर दर्ज हुई एफआईआर:
- 1. संजय कल्याण (@sanjaykalyan_)
- 2. किरण पट्टनायक (@kiran_patniak)
- 3. महफूज हसन (@MahfoozHasan16)
- 4. आरएन सोनू अंसारी (@RNSONUANSARI1)
- 5. बोलता बहुजन (@BoltaBahujan_)
- 6. जुबैर खान (@ZuberKh14482101)
- 7. शुभम कोरी (@D9cqyCj2Rd8zP3d)
- 8. सत्यपाल अरोरा (@JanAwaaz3)
- 9. नवीन मिश्रा (@NaveenM96466923)
- 10. घनश्याम कुमार (@gkbhartiya1992)
- 11. लोकशाही मैं गुलाम (@india141951)
- 12. धर्मेश सिंह (@dharmeshkumar37)
- 13. मो. जुबैर अख्तर (@zubairakhtar_)
- 14. आनंद कांबले (@AKamble72444)
⚠️ सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई
- कुंभ मेला पुलिस ने झूठी खबरों का खंडन किया और कानूनी कार्रवाई शुरू की।
- प्रदेश सरकार की छवि खराब करने और जनमानस में भ्रम फैलाने वालों पर निगरानी तेज कर दी गई है।
- 13 अन्य एक्स अकाउंट को भी चिह्नित किया गया है, जिन पर जल्द कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
📢 निष्कर्ष
महाकुंभ 2025 को लेकर सोशल मीडिया पर भ्रामक खबरें फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। पुलिस और प्रशासन किसी भी अफवाह को फैलने से रोकने के लिए सोशल मीडिया मॉनिटरिंग कर रहे हैं। आम जनता से अपील है कि सत्यापित जानकारी ही साझा करें और अफवाहों से बचें।
