ड्यूटीरत शिक्षक को जूतों से मारने की धमकी, शिक्षक संघ के अध्यक्ष पर आरोप
हरदोई: उत्तर प्रदेश के विकास खंड बेहन्दर में ब्लॉक संसाधन केंद्र पर एक शिक्षक को धमकाने और गाली-गलौज करने का मामला सामने आया है।
आरोप है कि प्राथमिक शिक्षक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष ने एक ड्यूटीरत शिक्षक को जूते से मारने की धमकी दी। इस मामले की शिकायत **खंड शिक्षा अधिकारी** (BEO) ने
**बेसिक शिक्षा अधिकारी** (BSA) को पत्र लिखकर दी है और कठोर कार्यवाही की संस्तुति की है।
क्या है पूरा मामला?
प्राथमिक विद्यालय बेहन्दर खुर्द के सहायक अध्यापक राजकुमार यादव ने बताया कि वे आधार नामांकन के लिए कार्यरत हैं।
06 फरवरी 2025 को वे ब्लॉक संसाधन केंद्र पर “हमारा आंगन हमारे बच्चे” कार्यक्रम को संचालित कर रहे थे। उसी दौरान प्राथमिक शिक्षक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष
नवीन चंद्र मोहन वहां पहुंचे और अनैतिक कार्य करने का दबाव बनाने लगे। जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो अध्यक्ष गाली-गलौज करने लगे।
आरोप है कि जब अन्य शिक्षकों ने इसका विरोध किया, तो अध्यक्ष जूते से मारने की धमकी देने लगे और शिक्षक आचरण नियमावली की पूरी तरह अनदेखी कर दी।
शिक्षा विभाग ने लिया संज्ञान
इस मामले को खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) ने गंभीरता से लेते हुए **बेसिक शिक्षा अधिकारी** (BSA) को पत्र लिखकर घटना की जानकारी दी। पत्र में यह बताया गया कि:
- **सरकारी कार्य में बाधा डालने** का प्रयास किया गया।
- **शिक्षक को अपशब्द कहे गए** और धमकी दी गई।
- **शिक्षक आचरण नियमावली** का उल्लंघन किया गया।
खंड शिक्षा अधिकारी ने शिक्षक संघ अध्यक्ष नवीन चंद्र मोहन के खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्यवाही की संस्तुति की है।
शिक्षक समुदाय में रोष
इस घटना के बाद शिक्षक समुदाय में भारी आक्रोश है। कई शिक्षकों ने इस घटना की निंदा करते हुए दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
शिक्षकों का कहना है कि यदि प्रशासन इस मामले में कठोर कदम नहीं उठाता, तो वे आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
क्या होगी अगली कार्रवाई?
अब सबकी निगाहें बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) के निर्णय पर टिकी हैं। यदि उचित कार्यवाही नहीं हुई, तो यह मामला और बड़ा रूप ले सकता है।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों से अपेक्षा की जा रही है कि वे इस मामले को गंभीरता से लेकर **निष्पक्ष जांच** कराएं और दोषियों को दंडित करें।
निष्कर्ष
शिक्षा जगत में ऐसी घटनाएँ **नैतिकता और अनुशासन** के लिए खतरा हैं। शिक्षकों को सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल मिलना चाहिए ताकि वे बिना किसी दबाव के शिक्षा प्रदान कर सकें।
यदि दोषियों पर उचित कार्रवाई नहीं हुई, तो यह भविष्य में और अधिक समस्याओं को जन्म दे सकता है।
आपकी राय?
इस मामले पर आपकी क्या राय है? क्या प्रशासन को इस मामले में **सख्त कदम उठाने** चाहिए? अपनी राय **कमेंट सेक्शन** में जरूर दें।

