110 वित्तविहीन विद्यालयों को नोटिस, मान्यता रद्द होने की संभावना
बहराइच, जागरण संवाददाता। बच्चों की **विशेष पहचान (अपार आईडी)** बनाने की प्रक्रिया में रुचि न दिखाने वाले **110 वित्तविहीन विद्यालयों** को **नोटिस भेजने** की तैयारी हो रही है। बार-बार चेतावनी देने के बावजूद सुधार न करने पर **उप शिक्षा निदेशक मनोज कुमार अहिरवार** ने इनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का फैसला लिया है। यदि स्थिति नहीं सुधरी, तो **विद्यालयों की मान्यता रद्द** की जा सकती है।
अपार आईडी जनरेशन में लापरवाही
- जनपद में **55 राजकीय और 223 वित्तविहीन विद्यालय** संचालित हो रहे हैं।
- शासन ने प्रत्येक छात्र की अलग पहचान के लिए **अपार आईडी** अनिवार्य कर दी है।
- 40% से कम आईडी जनरेट करने वाले विद्यालयों की **सूची तैयार** की गई है।
- लगातार लापरवाही बरतने पर **मान्यता रद्द करने की प्रक्रिया** शुरू होगी।
किन विद्यालयों पर होगी कार्रवाई?
अब तक की जांच में **110 वित्तविहीन विद्यालय** ऐसे मिले हैं, जिन्होंने **सिर्फ 30-40%** अपार आईडी ही जनरेट की हैं। यही नहीं, कई **माध्यमिक विद्यालयों** ने भी इस प्रक्रिया में रुचि नहीं दिखाई।
प्रधानाचार्यों का रोका वेतन
उप शिक्षा निदेशक ने **माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों की लापरवाही** को भी गंभीरता से लिया है। जिन विद्यालयों ने कार्य में कोताही बरती है, उनके **प्रधानाचार्यों का वेतन रोकने** का निर्देश दिया गया है।
उप शिक्षा निदेशक का बयान
“अपार आईडी बनाने में लापरवाही बरतने पर वित्तविहीन विद्यालयों की **मान्यता रद्द** करने के लिए **नोटिस भेजी जाएगी।** विद्यालयों की **सूची तैयार** कर ली गई है, और माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों का **वेतन रोका गया है।**”
— मनोज कुमार अहिरवार, उप शिक्षा निदेशक
विद्यालयों में मची अफरातफरी
इस कार्रवाई से **शिक्षा विभाग** और **विद्यालय प्रशासन** में हलचल मच गई है। कई विद्यालय अब **अपार आईडी जनरेशन** की प्रक्रिया को तेज कर रहे हैं।
संभावित समाधान
- विद्यालयों को **जल्द से जल्द अपार आईडी बनाने** के निर्देश दिए जाएं।
- विद्यालयों को **तकनीकी सहायता** प्रदान की जाए।
- जिन विद्यालयों ने लापरवाही की है, उन्हें **अंतिम चेतावनी** दी जाए।
यदि विद्यालय अब भी **अपार आईडी** जनरेट करने में लापरवाही बरतते हैं, तो जल्द ही उनकी **मान्यता रद्द** हो सकती है।
