सभी वाहनों के लिए नियमों को सख्त करने की तैयारी
नई दिल्ली, एजेंसी। सरकार वाहन बीमा नियमों को सख्त करने के लिए बड़े कदम उठाने की तैयारी में है।
थर्ड पार्टी बीमा होने पर ही मिलेगा ईंधन और फास्टैग
आने वाले समय में थर्ड पार्टी बीमा के बिना किसी भी वाहन को ईंधन भरवाने और फास्टैग खरीदने की अनुमति नहीं होगी। इतना ही नहीं, ऐसे वाहन मालिकों का ड्राइविंग लाइसेंस नवीनीकरण भी नहीं किया जाएगा।
वित्त मंत्रालय ने इस संबंध में कड़े कदम उठाने के लिए सिफारिश की है। इसमें यह सुनिश्चित करने की योजना है कि थर्ड पार्टी बीमा के बिना कोई भी वाहन सड़क पर न चले।
बिना बीमा पकड़े जाने पर सजा
वर्तमान नियमों के अनुसार, थर्ड पार्टी बीमा के बिना वाहन चलाना एक अपराध है। यदि कोई ऐसा करते हुए पकड़ा जाता है, तो उसे 2,000 रुपये जुर्माना, तीन महीने की जेल, या दोनों की सजा हो सकती है।
जल्द होंगे नियमों में बदलाव
एक अधिकारी ने जानकारी दी कि मंत्रालय इन प्रस्तावों पर तेजी से काम कर रहा है। नए नियमों के तहत:
- केवल वैध बीमा वाले वाहनों को पेट्रोल पंप पर ईंधन मिलेगा।
- फास्टैग खरीदने की अनुमति केवल बीमित वाहनों को दी जाएगी।
- राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को सख्त अनुपालन के निर्देश दिए जाएंगे।
थर्ड पार्टी बीमा क्यों है जरूरी?
भारत में मोटर वाहन अधिनियम-1988 के तहत थर्ड पार्टी बीमा सभी वाहनों के लिए अनिवार्य है। यह बीमा सड़क दुर्घटना में किसी तीसरे पक्ष को हुए नुकसान की भरपाई करता है।
हालांकि, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, भारत में पंजीकृत वाहनों में से केवल 43-50% ही वैध थर्ड पार्टी बीमा के साथ चलते हैं।
कितने वाहन हैं बिना बीमा?
मार्च 2020 तक, भारत में 6 करोड़ वाहन बिना बीमा के पाए गए। 2024 में संसद की एक समिति ने इस मुद्दे पर विचार करते हुए इसे लागू करने की सिफारिश की।
सरकार का यह कदम न केवल सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देगा, बल्कि दुर्घटनाओं से जुड़े आर्थिक नुकसान को भी कम करेगा।
