सात लाख बच्चों को अब जमीन पर बैठकर नहीं करनी पड़ेगी पढ़ाई
उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को अब जमीन पर बैठकर पढ़ाई नहीं करनी पड़ेगी। बेसिक शिक्षा विभाग ने बच्चों के लिए फर्नीचर (डेस्क-बेंच) की सुविधा प्रदान करने की योजना शुरू कर दी है।
130 करोड़ का बजट, 14452 विद्यालयों को मिलेगा फर्नीचर
इस योजना के पहले चरण में 130 करोड़ रुपये की लागत से 14452 विद्यालयों में फर्नीचर की आपूर्ति की जाएगी। इससे कक्षा 3 से 5 तक के 7,63,117 छात्रों को लाभ मिलेगा।
प्रदेश के स्कूलों में अवस्थापना सुविधाओं की कमी
प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में लंबे समय से अवस्थापना सुविधाओं की कमी रही है। इसे ध्यान में रखते हुए विभाग द्वारा विभिन्न स्तरों पर सुधार की प्रक्रिया चलाई जा रही है।
बेसिक शिक्षा विभाग का नया कदम
बेसिक शिक्षा विभाग ने हाल ही में फर्नीचर आपूर्ति के लिए बजट जारी किया है और जल्द ही इसकी आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। इससे बच्चों को बेहतर सुविधा मिल सकेगी और वे आरामदायक माहौल में पढ़ाई कर सकेंगे।
स्मार्ट क्लास और भवन निर्माण कार्य भी जारी
प्रदेश सरकार स्मार्ट क्लास की संख्या बढ़ाने और भवन निर्माण के कार्य भी तेजी से कर रही है। यह प्रयास सरकारी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है।
योजना के लाभ
- छात्रों को बैठने के लिए आरामदायक फर्नीचर मिलेगा।
- शिक्षा के स्तर में बेहतर सुधार होगा।
- विद्यालयों की अवस्थापना सुविधाओं में वृद्धि होगी।
- फर्नीचर की कमी से जुड़ी शिकायतों का समाधान होगा।
बेसिक शिक्षा विभाग के निर्देश
बेसिक शिक्षा विभाग ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे फर्नीचर की गुणवत्ता और समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करें। विभाग का लक्ष्य है कि नए सत्र में सभी विद्यालयों को फर्नीचर उपलब्ध हो सके।
निष्कर्ष
उत्तर प्रदेश सरकार शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। इस नई योजना के तहत लाखों बच्चों को जमीन पर बैठने से राहत मिलेगी और वे उचित सुविधा के साथ अध्ययन कर सकेंगे।
नवीनतम अपडेट के लिए बेसिक शिक्षा विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर विजिट करें।
