स्वास्थ्य विभाग के 79 कर्मचारी बर्खास्त, जांच के बाद हुई कार्रवाई
लखनऊ। स्वास्थ्य विभाग में नियमों के विरुद्ध हुई नियुक्तियों के चलते 79 कर्मचारियों को बर्खास्त करने का आदेश दिया गया है। यह कार्रवाई मलेरिया और वेक्टर बॉर्न डिजीज (वीबीडी) विभाग में कार्यरत कर्मचारियों पर हुई है। इन नियुक्तियों को नियम विरुद्ध पाया गया है, और इसके लिए संबंधित अधिकारियों पर भी कार्रवाई की जाएगी।
नियमों के विरुद्ध हुई थी नियुक्ति
जांच में पाया गया कि ये कर्मचारी वरिष्ठ क्षेत्रीय कार्यकर्ता, क्षेत्रीय कार्यकर्ता और कीट संग्रहकर्ता के रूप में कार्यरत थे। इनकी नियुक्तियां विनियमितीकरण नियमावली 2016 के तहत की गई थीं, लेकिन जांच में यह प्रक्रिया गलत साबित हुई। निदेशक (प्रशासन) की रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि ये कर्मी नियमों के अनुरूप पात्र नहीं थे।
अधिकारियों पर भी होगी कार्रवाई
जांच रिपोर्ट में तत्कालीन निदेशक, अपर निदेशक और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को भी दोषी ठहराया गया है। इनमें से कुछ अधिकारी सेवानिवृत्त हो चुके हैं, जबकि अन्य कार्यरत हैं। इनके खिलाफ भी कार्रवाई की सिफारिश की गई है।
किन जिलों में कार्यरत थे कर्मचारी?
बर्खास्त किए गए कर्मचारी आजमगढ़, कानपुर, गाजियाबाद, लखनऊ, गोरखपुर समेत कुल 18 जिलों में कार्यरत थे।
विनियमितीकरण नियमावली में गड़बड़ी
वर्ष 2023 में जांच में पाया गया कि विनियमितीकरण नियमावली 2016 के तहत उन्हीं कर्मचारियों को नियुक्ति मिल सकती थी, जो वर्ष 2001 से 2016 तक दैनिक वेतनभोगी के रूप में कार्यरत रहे हों। लेकिन बर्खास्त कर्मचारियों की नौकरी इस अवधि में अस्थायी रूप से छूट चुकी थी, जिससे उनकी नियुक्ति फर्जी करार दी गई।
अपर निदेशक का बयान
अपर निदेशक (मलेरिया व वीबीडी) डॉ. एके चौधरी ने बताया कि उच्चाधिकारियों के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई है। इसके तहत संबंधित जिलों के मुख्य चिकित्साधिकारियों को बर्खास्तगी आदेश जारी कर दिया गया है।
अमर उजाला ने उठाया था मुद्दा
इस मामले को प्रमुखता से उजागर करते हुए अमर उजाला ने मार्च 2023 में खबर प्रकाशित की थी। इसमें बताया गया था कि कई वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। इसके बाद शासन ने मामले की जांच के आदेश दिए और अब यह कार्रवाई की गई है।
