अमेरिका में प्रवासियों का डर: स्कूलों और बच्चों की सुरक्षा पर सवाल
सैन फ्रांसिस्को, एजेंसी। ट्रंप सरकार के नागरिकता कानून और वीजा नियमों में सख्ती के बाद अमेरिका में अवैध प्रवासियों और उनके परिवारों के बीच भय का माहौल है। खासतौर पर स्कूल जाने वाले बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
स्कूलों ने दिया सुरक्षा का भरोसा
अमेरिका के कई जिलों में शिक्षकों और स्कूल प्रबंधन ने प्रवासी परिवारों को आश्वस्त किया है कि उनके बच्चों को स्कूल में कोई खतरा नहीं है। हालांकि, ट्रंप सरकार द्वारा संघीय आव्रजन एजेंसियों को स्कूलों, गिरजाघरों और अस्पतालों में गिरफ्तारी करने की अनुमति देने के फैसले ने इस डर को और बढ़ा दिया है।
प्रवासी परिवारों की चिंताएं
मैक्सिको से अमेरिका आई एक प्रवासी महिला कैरमेन ने अपनी चिंता जाहिर करते हुए कहा, “हमारे पास वापस जाने की कोई जगह नहीं है। मुझे अपने पौत्र और पौत्री की सुरक्षा की चिंता है।” कई स्कूलों ने आश्वासन दिया है कि अगर सुरक्षा से संबंधित कोई खतरा होगा, तो परिजनों को तुरंत सूचित किया जाएगा।
अवैध प्रवासियों की संख्या और उनका प्रभाव
माइग्रेशन पॉलिसी इंस्टीट्यूट के अनुसार, अमेरिका में इस समय करीब 11,047,000 लोग अवैध रूप से रह रहे हैं। इनमें से 53 लाख लोग मैक्सिको से हैं, जबकि 5.5 लाख भारतीय प्रवासी भी इस सूची में शामिल हैं। इसके अलावा, 7,33,000 बच्चे अवैध रूप से रह रहे परिवारों का हिस्सा हैं।
- मैक्सिको: 5,313,000
- भारत: 553,000
- ग्वाटेमाला: 724,000
- अल सल्वाडोर: 741,000
नागरिकता कानून और संशोधन का विरोध
ट्रंप सरकार के आदेश के तहत अब अवैध प्रवासियों के अमेरिका में जन्मे बच्चों को स्वत: नागरिकता नहीं मिलेगी। इस फैसले का व्यापक विरोध हो रहा है। 22 अमेरिकी राज्यों के अटॉर्नी जनरल ने इस आदेश के खिलाफ मुकदमा दायर किया है।
सर्वे के मुताबिक, 70% अमेरिकी नागरिक इस फैसले के खिलाफ हैं। ट्रंप के शपथ ग्रहण से पहले किए गए सर्वे में यह भी पाया गया कि अधिकांश लोग संविधान में बदलाव के पक्ष में नहीं हैं।
अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर असर
अमेरिकन इमिग्रेशन काउंसिल की रिपोर्ट के अनुसार, बड़े पैमाने पर प्रवासियों के निर्वासन से अमेरिकी जीडीपी में 4.2% से 6.8% तक की गिरावट हो सकती है। यह नुकसान 1.1 ट्रिलियन से 1.7 ट्रिलियन डॉलर के बीच हो सकता है।
एच-1बी वीजा: कुशल प्रवासियों के लिए अवसर
एच-1बी वीजा एक गैर-अप्रवासी वीजा है, जो अमेरिकी कंपनियों को विशेष व्यवसायों में विदेशी कर्मियों को नियुक्त करने की अनुमति देता है। प्रौद्योगिकी कंपनियां भारत और चीन जैसे देशों से हर साल हजारों कर्मचारियों को इस वीजा कार्यक्रम के जरिए नियुक्त करती हैं।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह चाहते हैं कि देश में केवल कुशल और सक्षम लोग आएं।
