फंदे से झूला एक और ‘अतुल’: महिला कानून बदलने की गुहार
इंदौर, एजेंसी। महिला कानून के दुरुपयोग और प्रताड़ना के आरोपों के कारण एक और युवक ने अपनी जान दे दी। 28 वर्षीय नितिन पडियार ने आत्महत्या करने से पहले 14 पन्नों का सुसाइड नोट लिखा, जिसमें उन्होंने अपनी पत्नी और ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
क्या है पूरा मामला?
इंदौर शहर के बनगंगा क्षेत्र में रहने वाले नितिन पडियार ने सोमवार रात अपने घर में फांसी लगाकर जीवन समाप्त कर लिया। पुलिस उपायुक्त रामसनेही मिश्रा ने बताया कि नितिन ने सुसाइड नोट में अपनी पत्नी, सास और अन्य ससुराल वालों पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। साथ ही, उन्होंने केंद्र सरकार से महिला कानून में बदलाव की मांग की है।
सुसाइड नोट में लिखी गई बात
नितिन के सुसाइड नोट में यह स्पष्ट लिखा है कि महिलाओं द्वारा कानून का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि अगर नियम नहीं बदले गए, तो हर दिन कई पुरुष और उनके परिवार बर्बाद होंगे।
“अगर कानून नहीं बदले गए तो हर दिन कई पुरुष आत्महत्या करेंगे और उनका परिवार तबाह होगा।”
जांच प्रक्रिया जारी
पुलिस के अनुसार, सुसाइड नोट में लगाए गए आरोपों के आधार पर जांच चल रही है। जांच पूरी होने के बाद इस मामले में कार्रवाई की जाएगी। नितिन के इस कदम ने एक बार फिर महिला कानून के दुरुपयोग पर बहस को तेज कर दिया है।
समाज और कानून पर उठे सवाल
यह मामला केवल एक घटना नहीं है, बल्कि एक चिंताजनक संकेत है। इससे पहले भी बेंगलुरु में इंजीनियर अतुल सुभाष ने ऐसे ही आरोप लगाकर आत्महत्या की थी। इन घटनाओं से यह सवाल उठता है कि क्या मौजूदा महिला कानूनों में सुधार की जरूरत है? क्या पुरुषों के लिए भी कानूनों में समान सुरक्षा होनी चाहिए?
