प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने के लिए पहल
प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में आउट ऑफ स्कूल बच्चों को चिह्नित कर उनकी उपस्थिति बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। अब ऐसे बच्चों को सर्वाधिक उपस्थिति पर सम्मानित किया जाएगा और उनके अभिभावकों को भी जागरूक करने हेतु शारदा संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा।
शारदा संगोष्ठी और विद्यालय वार्षिकोत्सव
विद्यालयों में बच्चों की संख्या में आई कमी को दूर करने के लिए शारदा संगोष्ठी और वार्षिकोत्सव का आयोजन किया जाएगा। इसके माध्यम से बच्चों के सर्वांगीण विकास, उनकी उपस्थिति और ठहराव बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।
शारदा संगोष्ठी का आयोजन जनवरी के आखिरी शनिवार को किया जाएगा। महानिदेशक स्कूल शिक्षा कंचन वर्मा ने सभी बीएसए को निर्देश दिए हैं कि संगोष्ठी में आउट ऑफ स्कूल बच्चों के अभिभावकों को जरूर बुलाया जाए और उन्हें शिक्षा के लाभों की जानकारी दी जाए।
वार्षिकोत्सव में होंगे ये आयोजन
- दौड़ और रिले रेस
- नाटक के माध्यम से शिक्षा के महत्व को समझाना
- शिक्षा के महत्व पर भाषण प्रतियोगिता
पर्यटन को लेकर विद्यालयों में प्रतियोगिताएं
प्रदेश में राष्ट्रीय पर्यटन दिवस (25 जनवरी) के अवसर पर 16 से 27 जनवरी तक विभिन्न विद्यालयों में पर्यटन से जुड़ी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है। इन प्रतियोगिताओं में अयोध्या, गोरखपुर, वाराणसी, प्रयागराज, आगरा और नोएडा के विद्यालयों में आयोजन हो चुका है।
आगामी प्रतियोगिताएं:
- 22 जनवरी: बरेली
- 23 जनवरी: लखनऊ
- 27 जनवरी: झांसी
प्रतियोगिताओं में लगभग 4000 छात्र-छात्राएं भाग ले रहे हैं। सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।
पर्यटन व संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक, ऐतिहासिक, आध्यात्मिक और प्राकृतिक विरासत के प्रति युवाओं को जागरूक करने के लिए युवा टूरिज्म क्लब बनाए गए हैं, जिनमें छात्र-छात्राओं के साथ दो शिक्षक भी शामिल हैं।
परिषदीय विद्यालयों में देशभक्ति कविताएं गूंज रही हैं
प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में विद्यार्थियों में रचनात्मकता और राष्ट्रभक्ति की भावना को विकसित करने के लिए देशभक्ति कविता पाठ प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है।
इस प्रतियोगिता में 1.33 लाख विद्यालयों के 1.40 करोड़ से अधिक विद्यार्थी भाग ले रहे हैं। प्रतियोगिता के विजेताओं को राज्य स्तरीय पुरस्कार दिए जाएंगे।
चयन प्रक्रिया:
- विद्यालय स्तर पर सर्वश्रेष्ठ प्रतिभागी की वीडियो प्रधानाध्यापक द्वारा बीईओ को भेजी जाएगी।
- ब्लॉक स्तर पर चयनित प्रतिभागियों को डायट भेजा जाएगा।
- डायट की तीन सदस्यीय समिति द्वारा मूल्यांकन किया जाएगा।
- राज्य स्तर पर विशेषज्ञों द्वारा 10 सर्वश्रेष्ठ प्रतिभागी चयनित किए जाएंगे।
पुरस्कार राशि:
- राज्य स्तर:
- प्रथम स्थान – ₹5000
- द्वितीय स्थान – ₹4000
- तृतीय स्थान – ₹3000
- जिला स्तर:
- प्रथम स्थान – ₹2100
- द्वितीय स्थान – ₹1500
- तृतीय स्थान – ₹1100
इस प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों में देशभक्ति और रचनात्मकता को बढ़ावा देना है।
निष्कर्ष
प्रदेश में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए शारदा संगोष्ठी, वार्षिकोत्सव, पर्यटन प्रतियोगिताएं और देशभक्ति कविता पाठ जैसी पहलें की जा रही हैं। इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों में शिक्षा के प्रति रुचि बढ़ाई जा रही है और उनकी रचनात्मकता को निखारा जा रहा है।
