जनता का भरोसा जीतने में भारत तीसरे स्थान पर, अमीर देश निचले पायदान पर
**भरोसा सूचकांक: भारत का स्थान**
भारत के लिए यह उपलब्धि विशेष महत्व रखती है, क्योंकि यह दर्शाता है कि भारतीय नागरिकों का सरकारी संस्थाओं, व्यवसायों और मीडिया पर विश्वास मजबूत है। 1 से 100 के मानक पर आधारित इस सूचकांक में, भारत 75 प्रतिशत अंक के साथ तीसरे स्थान पर रहा, जो पिछले वर्ष से समान है। हालांकि, इंडोनेशिया ने इस बार भारत को पीछे छोड़ते हुए दूसरा स्थान प्राप्त किया।
**विश्वभर में भरोसा की स्थिति**
विश्व आर्थिक मंच की बैठक से पहले जारी यह वार्षिक एडलमैन ट्रस्ट बैरोमीटर का विश्लेषण बताते हैं कि अमीर देश भरोसा सूचकांक में निचले पायदान पर हैं। जापान इस सूचकांक में सबसे निचले स्थान पर रहा, जबकि इसके बाद जर्मनी, ब्रिटेन, अमेरिका और फ्रांस जैसे देशों का स्थान रहा। जापान में भरोसा सिर्फ 37 प्रतिशत था, जो कि पिछले साल की तुलना में काफी कम है।
**विश्व भरोसा सूचकांक में शीर्ष स्थान**
विश्व भरोसा सूचकांक के शीर्ष 5 देशों में चीन 77 प्रतिशत के साथ पहले स्थान पर रहा। इसके बाद इंडोनेशिया (76 प्रतिशत) और भारत (75 प्रतिशत) का स्थान रहा। यूएई (72 प्रतिशत) और सऊदी अरब (71 प्रतिशत) चौथे और पांचवें स्थान पर रहे।
**विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में विश्वास की कमी**
रिपोर्ट के अनुसार, शीर्ष 10 वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं में से पांच देशों में विश्वास की कमी पाई गई। इनमें जापान, जर्मनी, ब्रिटेन, अमेरिका और फ्रांस शामिल हैं, जो इस सूचकांक पर सबसे कम भरोसेमंद देशों में रहे। जापान में भरोसा केवल 37 प्रतिशत था, जबकि अमेरिका और ब्रिटेन में यह आंकड़ा क्रमशः 47 प्रतिशत और 43 प्रतिशत था।
**भारत में आय वर्ग के हिसाब से भरोसा**
रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि भारत में कम आय वाले लोगों में सरकारी संस्थाओं पर विश्वास 65 प्रतिशत था, जबकि उच्च आय वर्ग में यह आंकड़ा 80 प्रतिशत तक पहुंच गया। इससे यह स्पष्ट होता है कि भारत में सरकारी संस्थाओं पर भरोसा आय वर्ग के हिसाब से भिन्न है।
