गौतम अदाणी: दुनिया के 19वें सबसे अमीर व्यक्ति बनने की प्रेरणादायक कहानी
**मुंबई में किया हीरे का व्यापार**
गौतम अदाणी ने बताया कि उन्होंने हीरा कंपनी में काम करते हुए अपना पहला कमीशन 10,000 रुपये कमाया। यह उनकी कारोबारी यात्रा का पहला कदम था। जल्द ही उन्होंने झावेरी बाजार में खुद का डायमंड ट्रेडिंग ब्रोकरेज शुरू कर दिया और अपने सपनों को साकार करने की दिशा में कदम बढ़ाए।
**भाई की मदद के लिए लौटे गुजरात**
1981 में अदाणी मुंबई छोड़कर गुजरात लौट आए। उन्होंने अपने बड़े भाई महासुखभाई के साथ काम करना शुरू किया, जिन्होंने अहमदाबाद में एक छोटी पीवीसी फिल्म फैक्टरी खरीदी थी। यहीं से अदाणी ने अपने कमोडिटी ट्रेडिंग व्यवसाय की शुरुआत की और 1988 में अदाणी एक्सपोर्ट्स (अब अदाणी एंटरप्राइजेज) की स्थापना की। 1994 में इस कंपनी को सूचीबद्ध कराया, और यह आज एक विशाल साम्राज्य बन चुकी है।
**पढ़ाई न पूरी कर पाने का अफसोस**
गौतम अदाणी ने कहा, “ज्ञान और अनुभव दोनों महत्वपूर्ण हैं। बुद्धिमत्ता अनुभव से आती है, लेकिन अध्ययन से ज्ञान मिलता है। अगर मैं कॉलेज जाता, तो मेरी क्षमताएं और अधिक बढ़ जातीं।”
उन्होंने कहा कि सफलता और असफलता के बीच का अंतर केवल जुझारूपन है, जो हर बार गिरकर खड़े होने का साहस देता है।
**आज का अदाणी साम्राज्य**
आज अदाणी ग्रुप इंफ्रास्ट्रक्चर, ऊर्जा, कृषि, लॉजिस्टिक्स और कई अन्य क्षेत्रों में अग्रणी है। गौतम अदाणी की सफलता की कहानी न केवल प्रेरणादायक है, बल्कि यह सिखाती है कि कठिन परिश्रम और धैर्य से कुछ भी संभव है।
