महाकुंभ मेला क्षेत्र में भीषण आग – 280 कॉटेज जलकर राख
स्थान: सेक्टर-19, प्रयागराज महाकुंभ
दिनांक: 19 जनवरी 2025
**आग लगने की घटना**
प्रयागराज महाकुंभ मेले के सेक्टर-19 में स्थित श्रीकरपात्र धाम वाराणसी और गीता प्रेस गोरखपुर के शिविर में भीषण आग लगने से भारी नुकसान हुआ। आग लगने से 280 कॉटेज जलकर राख हो गए और इनमें रखे 13 एलपीजी सिलिंडर फटने से अफरा-तफरी मच गई।
इस घटना में पांच नाइकें और करीब पांच लाख रुपये की नकदी भी जलकर नष्ट हो गई। आग की चपेट में आकर हरियाणा, दार्जिलिंग और प्रतापगढ़ के तीन श्रद्धालु झुलस गए, जबकि भगदड़ में दो लोग घायल हो गए।
**घटना का विवरण और राहत कार्य**
रविवार दोपहर करीब चार बजे श्रीकरपात्र धाम के श्रद्धालु पवन त्रिपाठी के कॉटेज से धुआं उठता देखा गया। कुछ ही पलों में आग तेजी से फैल गई और ऊंची-ऊंची लपटें उठने लगीं।
स्थानीय लोगों ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन लपटों की तेजी के कारण आग अन्य टेंटों तक फैल गई। दमकल विभाग को सूचित किया गया, जिसके बाद 35 दमकल गाड़ियों ने एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
**सीएम योगी आदित्यनाथ का दौरा और जांच के आदेश**
घटना के तुरंत बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तीन मंत्रियों के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को राहत और बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।
सीएम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फोन पर घटना की जानकारी दी और नुकसान का आंकलन करने के लिए उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए।
**घायलों की स्थिति और मेला प्रशासन का बयान**
इस आगजनी में नीरज कुमार (हरियाणा), पद्मा सूत्रधार (दार्जिलिंग), रमेश तिवारी (प्रतापगढ़) झुलस गए, जिनका इलाज एसआरएन अस्पताल में चल रहा है।
मेला प्रशासन के अनुसार, घटना में 40 झोपड़ियां और छह टेंट जलकर खाक हो गए। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण रसोई गैस सिलिंडर का रिसाव बताया जा रहा है।
**नुकसान का अनुमान**
इस घटना में करीब 2.5 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान होने का अनुमान है। घटना स्थल पर मौजूद श्रद्धालुओं के अनुसार, घास-फूस के बने टेंट और लकड़ी के ढांचे पूरी तरह जलकर नष्ट हो गए।
मेला प्रशासन का दावा है कि आग लगने की सही वजह का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच की जा रही है।
**आग से बचाव के उपाय और भविष्य की योजना**
मेला प्रशासन ने भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए अग्निशमन उपकरणों को बढ़ाने और सुरक्षा उपायों को मजबूत करने की योजना बनाई है।
शिविरों में अब फायर अलार्म सिस्टम और अधिक संख्या में दमकल गाड़ियां तैनात की जाएंगी।
