महिला प्रोफेसर बच्चे की देखभाल के लिए दो साल तक ले सकती हैं छुट्टी : यूजीसी
यूजीसी द्वारा नया प्रावधान
नई दिल्ली: अब महिला प्रोफेसरों को बच्चे की देखभाल के लिए दो साल तक छुट्टी लेने का अधिकार प्राप्त होगा। उच्च शिक्षण संस्थानों को इस नियम का पालन करना अनिवार्य होगा, और यदि वे इसे लागू करने में आनाकानी करते हैं, तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह नया प्रावधान विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा 2025 के रेग्यूलेशन में शामिल किया गया है।
छुट्टी देने में संस्थानों की मनमानी पर नियंत्रण
महिला प्रोफेसरों को अक्सर चाइल्ड केयर छुट्टी लेने में कठिनाई का सामना करना पड़ता था। कई बार उच्च शिक्षण संस्थान इस तरह की छुट्टी देने में आनाकानी करते थे, जिससे महिला प्रोफेसरों को शिकायत करनी पड़ती थी। यह उनकी कानूनी अधिकार क्षेत्र में आता था, फिर भी कई संस्थान इसे स्वीकार करने में हिचकिचाते थे।
सख्त कार्रवाई का प्रावधान
यूजीसी के अधिकारियों के अनुसार, इस समस्या को दूर करने के लिए नए नियम में यह प्रावधान किया गया है कि यदि कोई उच्च शिक्षण संस्थान महिला प्रोफेसरों को चाइल्ड केयर छुट्टी देने में विफल रहता है, तो उस संस्थान के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसमें संस्थान का डीबार होना भी शामिल हो सकता है।
महिला प्रोफेसरों के लिए राहत
यूजीसी द्वारा यह कदम महिला प्रोफेसरों के लिए एक बड़ी राहत साबित होगा, जो पहले इस अधिकार को लेकर संघर्ष कर रही थीं। अब वे बिना किसी समस्या के अपने बच्चों की देखभाल के लिए छुट्टी ले सकेंगी, और यह उनकी कानूनी अधिकार बन जाएगा।
